पीठ दर्द महिलाओं में एक आम समस्या मानी जाती है और अधिकांश लोग इसे थकान, गलत तरीके से बैठने या मांसपेशियों में खिंचाव का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि यह दर्द लंबे समय तक बना रहे और इसके साथ ब्रेस्ट में भी कोई असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो बिना देर किए डॉक्टर से जाँच कराना जरूरी है।

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की सीनियर कंसल्टेंट (ब्रेस्ट सर्जरी) डॉ. ताप्ती सेन ने बताया कि केवल पीठ दर्द होना सामान्यतः ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण नहीं होता। लेकिन यदि आराम और दवा लेने के बाद भी दर्द ठीक न हो या इसके साथ ब्रेस्ट में गाँठ, निप्पल से स्राव, त्वचा में गड्ढे पड़ना या बगल में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

डॉ. सेन के अनुसार सामान्य पीठ दर्द कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन यदि दर्द दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे, रात के समय बढ़ जाए, बिना किसी कारण वजन कम होने लगे, अत्यधिक थकान महसूस हो या पैरों में कमजोरी अथवा सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह तुरंत चिकित्सकीय जाँच कराने का संकेत है।

उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी गलती यही होती है कि महिलाएँ ऐसे संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं। ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ बिना दर्द वाली गाँठ के रूप में ही नहीं दिखता। यदि कोई भी असामान्य बदलाव लगातार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।"

डॉ. ताप्ती सेन ने यह भी बताया कि ब्रेस्ट कैंसर अब केवल अधिक उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं है। वर्तमान में कम उम्र की महिलाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में नियमित स्क्रीनिंग, समय पर जाँच और अपने शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव पर लगातार ध्यान देना ही इस बीमारी की समय पर पहचान और बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

Pratahkal Bureau

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