मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने सितंबर माह में माल ढुलाई को अधिक प्रभावी बनाने और ग्राहकों के विश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इन पहलों का मुख्य लक्ष्य क्षेत्रीय कृषि और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और माल ढुलाई की सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

एनएफआर ने लामडिंग मंडल के अंतर्गत नागालैंड के मॉलवॉम स्टेशन और मिज़ोरम के सायरंग स्टेशन को क्रमशः 02 सितंबर और 12 सितंबर से सभी आवक और जावक माल परिवहन के लिए खोल दिया। इसके अतिरिक्त, 19 सितंबर से सायरंग स्टेशन पर आवक और जावक ऑटोमोबाइल परिवहन की भी सुविधा शुरू की गई। रंगिया मंडल के अंतर्गत बाइहाटा स्टेशन को 26 सितंबर से आवक और जावक लौह एवं इस्पात की खेप के लिए खोलने का निर्णय लिया गया। यह रणनीतिक कदम क्षेत्र की बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांगों को पूरा करने और माल परिवहन की दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) पहल के तहत, एनएफआर ने सितंबर में महत्वपूर्ण माल ढुलाई हासिल की। अलीपुरद्वार मंडल के न्यू कूचबिहार स्टेशन से लामडिंग मंडल के जिराणीया तक कुल 21 वैगन चावल लोड किए गए। इसके अलावा, कई नए स्थानों से लामडिंग मंडल के अधीन स्टोन चिप्स की कुल 1474 वैगन बुक की गई। इनमें शोखुवि से जिराणीया और लामडिंग तक 262 वैगन, शालचापरा से बइरबी तक 62 वैगन, डिटकछड़ा से जिराणीया, बेलोनिया और बिहाड़ा तक 588 वैगन, बिहाड़ा से जिराणीया और बेलोनिया तक 245 वैगन, पंचग्राम से उदयपुर, जिराणीया और बेलोनिया तक 147 वैगन तथा बइरबी से लालाबाजार और सायरंग तक 170 वैगन शामिल हैं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये पहल न केवल माल परिवहन की क्षमता बढ़ाएंगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेंगी। इन नीतिगत कदमों से पूर्वोत्तर क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक परिवहन को नई दिशा मिलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की यह पहल क्षेत्रीय उद्योगों और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और माल ढुलाई के आधुनिक मानकों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाएगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story