पिछले दो दशकों में विश्व स्तर पर जैविक कृषि ने अभूतपूर्व विस्तार देखा है। वैश्विक जैविक खेती का क्षेत्र 98.9 मिलियन हेक्टेयर तक पहुँच चुका है, और लगभग 4.3 मिलियन किसान इसे संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही, जैविक खाद्य बाजार में तेजी से वृद्धि हुई है, जो 2023 में ₹12.28 लाख करोड़ तक पहुँच गया। इस वैश्विक परिदृश्य में भारत अपनी विशेष भूमिका निभा रहा है, जहां जैविक उत्पादकों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे समय में, राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड (NCOL) की स्थापना ने देश में जैविक कृषि को नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैविक कृषि को मजबूत करने में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर मूवमेंट्स (IFOAM) ने निर्णायक भूमिका निभाई है। IFOAM ने यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, FAO, UNCTAD जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर जैविक मानकों, पारदर्शिता और सतत विकास को बढ़ावा दिया। 2023 तक, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में जैविक भूमि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जबकि ओशिनिया और यूरोप वैश्विक अग्रणी क्षेत्र बने। ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना में जैविक कृषि भूमि के मामले में भारत सहित कई देशों के लिए प्रेरणा रही है।

भारत में जैविक कृषि का इतिहास सदियों पुराना है। पारंपरिक किसान प्राकृतिक विधियों के माध्यम से खेती करते आए हैं, और 1980-90 के दशक में आधुनिक जैविक आंदोलन ने गति प्राप्त की। 2001 में नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (NPOP) की स्थापना के बाद भारत ने वैश्विक स्तर पर मानक और मान्यता प्रणाली विकसित की। इसके साथ ही, परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) और मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ-ईस्टर्न रीजन (MOVCD) जैसे कार्यक्रमों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने में योगदान दिया।

इस व्यापक परिदृश्य में NCOL की स्थापना भारत में जैविक कृषि के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में उभरी है। NCOL का उद्देश्य जैविक उत्पादकों को प्रमाणन, परीक्षण, खरीद, भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन के लिए संस्थागत समर्थन प्रदान करना है। इसके अलावा, यह किसानों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराता है। NCOL ने अपने “भारत ऑर्गेनिक्स” ब्रांड के तहत ताजे और रासायनिक-मुक्त उत्पादों को बाजार में लाकर किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं तक प्रामाणिक जैविक उत्पाद पहुँचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

NCOL का सहकारी मॉडल भारत में किसानों को सशक्त बनाने और पर्यावरण-मैत्रीपूर्ण कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। यह मॉडल उत्पादन से उपभोग तक की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करता है और वैश्विक जैविक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को सुदृढ़ करता है। वर्तमान में, NCOL ने 5,184 सहकारी संस्थाओं को अपने नेटवर्क में शामिल किया है और आठ राज्यों में नोडल एजेंसियों के साथ समझौतों के माध्यम से जैविक उत्पादों की खरीद और वितरण को सुगम बनाया है।

NCOL ने अपने “भारत ऑर्गेनिक्स” उत्पादों के लिए पैकेजिंग और ट्रेसबिलिटी प्रणाली में सुधार किया है, जिससे ग्राहक हर बैच का परीक्षण रिपोर्ट देख सकते हैं। संगठन ने राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB), मल्टी-स्टेट रीजनल इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एजेंसी (MRIDA), और मदर डेयरी फ्रूट एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड (MDFVPL) के साथ MoU कर सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत किया है।

भविष्य की रणनीति में NCOL अपने उत्पादों की विविधता बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने, किसानों के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता बढ़ाने, शहरी केंद्रों में खुदरा उपस्थिति और ऑनलाइन बिक्री का विस्तार करने, और ठंडे भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स में निवेश करने पर केंद्रित है। 2035 तक, NCOL का लक्ष्य देश का सबसे बड़ा जैविक खाद्य खिलाड़ी बनना और वैश्विक बाजार में भारत की नेतृत्व भूमिका निभाना है।

NCOL न केवल एक संस्थान है, बल्कि यह भारत के कृषि क्षेत्र में स्थायी और समग्र परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है। अपने सहकारी दृष्टिकोण, वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रमाणन और किसानों को सशक्त बनाने वाली नीतियों के माध्यम से, NCOL भारतीय जैविक क्रांति के अग्रिम मोर्चे पर खड़ा है। यह पहल किसानों की आजीविका सुधारने, उपभोक्ताओं को स्वस्थ विकल्प प्रदान करने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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