गोरी त्वचा का लालच पड़ा भारी, पाकिस्तानी क्रीम से 18 महिलाओं की किडनी खराब।
नागपुर में गोरी ब्यूटी क्रीम के इस्तेमाल से 18 महिलाओं की किडनी खराब, FDA ने तीन स्किन-व्हाइटनिंग उत्पादों की बिक्री पर लगाई रोक।

महाराष्ट्र एफडीए द्वारा प्रतिबंधित की गई 'गोरी ब्यूटी क्रीम', जिसमें मरकरी और लेड की मात्रा मानक से काफी अधिक पाई गई है।
महाराष्ट्र में गोरापन प्रदान करने वाले सौंदर्य उत्पादों के प्रयोग से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मामले सामने आए हैं। नागपुर में 18 महिलाओं को किडनी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिसका संबंध कथित तौर पर पाकिस्तानी मूल की 'गोरी ब्यूटी क्रीम' के उपयोग से जोड़ा जा रहा है। महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने इन उत्पादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इनके वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी है।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इन क्रीमों में मरकरी (पारा) और लेड (सीसा) की मात्रा कानूनी सीमा से अत्यधिक अधिक पाई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और FDA की लैब रिपोर्ट के अनुसार, इन उत्पादों में मरकरी की मात्रा अनुमेय सीमा से 752 गुना तक अधिक है। मरकरी एक अत्यंत हानिकारक भारी धातु है, जो त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। नागपुर के इन मामलों की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन ने 'गोरी ब्यूटी क्रीम', 'फेस फ्रेश गोल्ड' और 'गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम' को 'नॉन-स्टैंडर्ड क्वालिटी' (NSQ) घोषित किया है।
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब नागपुर के चिकित्सकों ने देखा कि किडनी से पीड़ित कई महिलाओं में एक समान पैटर्न पाया गया और वे सभी एक ही श्रेणी की स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम का उपयोग कर रही थीं। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा का विषय बना, जहाँ उपभोक्ताओं ने यह सवाल उठाया कि प्रतिबंधित होने के बावजूद ये उत्पाद भारतीय बाजारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, जैसे 'मीशो' तक कैसे पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मीशो ने भी इन उत्पादों से जुड़ी रिपोर्ट्स की जांच शुरू करने की बात कही है।
इससे पहले मुंबई के चेंबूर में एक दुकानदार के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया था, जिस पर प्रतिबंधित पाकिस्तानी उत्पादों का स्टॉक रखने और उन्हें बेचने का आरोप था। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे त्वरित गोरेपन का वादा करने वाले किसी भी संदिग्ध सौंदर्य उत्पाद के उपयोग से बचें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मेलेनिन के उत्पादन को रोकने के नाम पर इस्तेमाल किए जा रहे ये रसायन धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रशासन अब इन अवैध उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रहा है।

Lalita Rajput
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