जयपुर, 30 अक्टूबर। ट्रक और बस परिवहन कारोबार में ईंधन और टायर पर होने वाला खर्च सीधे मुनाफे को प्रभावित करता है। इस खर्च को कम करने और वाहनों की परिचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मिशलिन ने अपना नया 'एक्स मल्टी एनर्जी झेड2' टायर लॉन्च किया है। भारत में निर्मित यह टायर 1 नवंबर से देशभर में उपलब्ध होगा। कंपनी का दावा है कि इसके इस्तेमाल से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को 13 प्रतिशत तक ईंधन की बचत हो सकती है।

मिशलिन इंडिया के प्रबंध निदेशक शांतनु देशपांडे ने बताया कि कंपनी ने भारतीय सड़कों और यहां की यातायात परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद इस टायर को विकसित किया है। इसका उद्देश्य परिवहन कारोबारियों को ईंधन की खपत कम करने, परिचालन खर्च घटाने और प्रत्येक किलोमीटर पर बेहतर कमाई करने में मदद देना है।

कंपनी के मुताबिक, नया एक्स मल्टी एनर्जी झेड2 टायर भारतीय सड़कों और यातायात की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके 295/80आर22.5 आकार वाले टायर से प्रमुख प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स के मुकाबले 6 प्रतिशत तक ईंधन बचाया जा सकता है। वहीं, 295/90आर20 आकार के टायर से 13 प्रतिशत तक ईंधन की बचत संभव है। कंपनी का कहना है कि इससे परिवहन कारोबारियों के मुनाफे में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने में मदद मिल सकती है।

टायर की टिकाऊ क्षमता को लेकर भी कंपनी ने दावा किया है कि यह दूसरे प्रमुख ब्रांड्स के टायरों की तुलना में 25 प्रतिशत तक अधिक समय तक चल सकता है। इसमें इस्तेमाल की गई ड्युराकोर तकनीक टायर को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करती है। इससे बार-बार टायर बदलने और रखरखाव पर होने वाला खर्च कम हो सकता है।

इसके अलावा, नए टायर का सड़क से संपर्क क्षेत्र भी 5 प्रतिशत तक बड़ा रखा गया है। इससे सूखी और गीली दोनों तरह की सड़कों पर वाहन की पकड़ बेहतर रहने में मदद मिलती है।

चेन्नई स्थित मिशलिन के कारखाने में निर्मित इस टायर में करीब 30 प्रतिशत पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के टायर्स एंड सर्विस स्टोर्स के साथ देशभर में 300 से अधिक अधिकृत विक्रेताओं के यहां भी इसकी बिक्री होगी। ईंधन की खपत, टायर की टिकाऊ क्षमता और रखरखाव खर्च को ध्यान में रखकर पेश किया गया यह उत्पाद परिवहन कारोबारियों की परिचालन लागत कम करने पर केंद्रित है।

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