पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मेनका गांधी द्वारा जैन संतों एवं जैन समाज के विरुद्ध दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान ने वैश्विक स्तर पर सनातन प्रेमियों की धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। इस विवादित टिप्पणी के विरोध में दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। यह महत्वपूर्ण ज्ञापन फ्रांस एवं इटली में तैनात भारत के राजदूत को सौंपा गया, जिसमें मेनका गांधी के बयान को पूर्णतः निराधार, भ्रामक एवं करोड़ों जैन अनुयायियों की आस्था को चोट पहुँचाने वाला करार देते हुए उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग की गई है।

दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा ने इस प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जैन धर्म सदैव विश्व को अहिंसा, जीव दया और करुणा का मार्ग दिखाता रहा है। ऐसे अहिंसक धर्म के संतों पर मोरों की हत्या जैसे गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय कृत्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैन मुनियों द्वारा धारण की जाने वाली पिच्छी में प्रयुक्त मोरपंख पूर्णतः प्राकृतिक रूप से स्वतः झड़ने वाले पंख होते हैं, जिसके लिए किसी भी जीव को रंचमात्र भी नुकसान नहीं पहुंचाया जाता है।

पंडित शर्मा ने भारतीय संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अपने मुकुट में मोरपंख धारण करते थे। बुंदेलखंड की प्राचीन लोक परंपरा में भी दीपावली के अवसर पर ग्रामीण पूरे वर्ष जंगलों से स्वाभाविक रूप से गिरे हुए मोरपंख एकत्र कर उनके साथ पारंपरिक नृत्य करते हैं। यह क्रिया प्रकृति और संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है, न कि हिंसा का। उन्होंने मेनका गांधी के बयान को जैन समाज के साथ-साथ विश्वभर के सनातन प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए मांग की कि श्रीमती मेनका गांधी को संपूर्ण जैन समाज से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त क्षमा मांगनी चाहिए और अपने विवादास्पद बयान को तत्काल वापस लेना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे तथ्यहीन बयानों पर सख्त कानूनी अंकुश लगाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म, संत या समाज की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर, मतंगेश्वर सेवा समिति (खजुराहो), आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्यगण, अर्हम ध्यान योग के सदस्य, बागेश्वर धाम शिष्य मंडल, इंडो–यूरोपियन बिजनेस काउंसिल के पदाधिकारी, इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता, माधुरी गुप्ता, राजस्थान के प्रसिद्ध लोक संगीत कलाकार रईस भारती, योग शिक्षिका कैथी लोहेते, ओशो संन्यासी तथा ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सनातन प्रेमी उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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