भारत में जुआ और सट्टा का प्रचलन एक लंबे समय से चला आ रहा है, और इसी कड़ी में डिसावर सट्टा किंग नामक लॉटरी गेम ने हाल के वर्षों में तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। यह खेल सट्टा किंग या सट्टा मटका जुआ पर आधारित है, जो ब्रिटिश शासनकाल में शुरू हुआ था और आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में खेला जाता है।

डिसावर सट्टा किंग में खिलाड़ी 00 से 99 तक की संख्या पर दांव लगाते हैं। खिलाड़ी अपनी पसंदीदा संख्या चुनकर उस पर राशि दांव लगाते हैं। विजेता संख्या एक यादृच्छिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से घोषित की जाती है, जो आमतौर पर किसी पॉट से संख्या निकालकर या अन्य तरीकों से तय की जाती है। यदि खिलाड़ी की चुनी हुई संख्या विजेता संख्या से मेल खाती है, तो उसे दांव के अनुसार भुगतान मिलता है। हालांकि, इस खेल में कोई रणनीति या कौशल काम नहीं आता; यह पूरी तरह भाग्य और संयोग पर आधारित खेल है।

कानूनी दृष्टि से, भारत में सट्टा और जुआ अवैध है। ब्रिटिश सरकार द्वारा 1867 में लागू किए गए पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट के तहत जुआ पर पूरी तरह रोक है। सट्टा मटका या सट्टा किंग इस कानून की पकड़ में नहीं आते और न ही किसी राज्य की नियमावली में शामिल हैं। बावजूद इसके, भारत में बड़ी संख्या में लोग इस खेल में भाग लेकर अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश करते हैं। केवल कुछ लॉटरी और घुड़दौड़ जैसी गतिविधियां ही कानूनी रूप से मान्य हैं।

सट्टा मटका की उत्पत्ति 1950 के दशक में हुई थी और इसके बाद यह खेल भारत में काफी लोकप्रिय हो गया। इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इसे ऑनलाइन सट्टा किंग के रूप में भी खेला जाने लगा है। हालांकि इसकी लोकप्रियता बढ़ी है, लेकिन इसकी कानूनी वैधता का कोई आधार नहीं है। इस खेल में लाखों की धनराशि दांव पर लगाई जाती है, जिससे कई बार आर्थिक और सामाजिक विवाद भी सामने आते हैं।

डिसावर सट्टा किंग जैसी खेल गतिविधियां न केवल लोगों की वित्तीय सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण हैं, बल्कि समाज में जुआ और सट्टा के प्रति बढ़ती प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े करती हैं। जबकि इसे खेलने वाले लोग इसे केवल भाग्य आजमाने वाला खेल मानते हैं, कानूनी दृष्टि से यह खेल अवैध और जोखिमपूर्ण ही है।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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