नई दिल्ली में गूँजा महाराष्ट्र का नाम: महानिर्मिती के साक्री सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट ने जीता प्रतिष्ठित 'स्कॉच गोल्ड' अवार्ड
नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित स्कॉच पुरस्कार समारोह में महाराष्ट्र की 'महानिर्मिती' ने साक्री सौर ऊर्जा परियोजना के लिए 'गोल्ड स्कॉच अवार्ड' जीतकर इतिहास रच दिया है। धुले जिले के इस २५ मेगावाट प्रोजेक्ट की सफलता, सीएमडी श्री राधाकृष्णन बी. के दूरदर्शी नेतृत्व और टीम की मेहनत का परिणाम है। महानिर्मिती के विजन २०३५ और हरित ऊर्जा की दिशा में बढ़ते इस कदम की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह विशेष रिपोर्ट।

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (महानिर्मिती) ने सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है। धुले जिले के साक्री में स्थित महानिर्मिती के २५ मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट को इसकी उत्कृष्ट स्थापना और परिचालन के लिए देश के प्रतिष्ठित 'गोल्ड स्कॉच पुरस्कार' (SKOCH Gold Award) से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल महाराष्ट्र के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती शक्ति और टिकाऊ विकास के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का भी जीवंत प्रमाण है।
इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बनते हुए, महानिर्मिती के निदेशक (प्रोजेक्ट) श्री अभय हरणे ने नई दिल्ली में आयोजित गरिमामयी समारोह में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार स्वीकार किया। इस सफलता की नींव महानिर्मिती के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री राधाकृष्णन बी. (आईएएस) के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके मार्गदर्शन में रखी गई थी। उनके दिशा-निर्देशों और परियोजना विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि साक्री सौर परियोजना आज राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेर रही है।
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महानिर्मिती ने 'विज़न २०३५' का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। इस योजना के अंतर्गत कंपनी ने वर्ष २०३० तक ८,००० मेगावाट और वर्ष २०३५ तक १२,००० मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साक्री सौर परियोजना इस विशाल लक्ष्य की ओर बढ़ता हुआ एक निर्णायक कदम है, जिसने न केवल राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को गति दी है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक मिशन में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है।
इस ऐतिहासिक सम्मान की प्राप्ति पर महानिर्मिती के शीर्ष नेतृत्व ने हर्ष व्यक्त किया है। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री राधाकृष्णन बी. (भा.प्र.से.), निदेशक (संचालन) श्री संजय मारुडकर, निदेशक (वित्त) श्री मनेश वाघीरकर, निदेशक (प्रोजेक्ट) श्री अभय हरणे और कार्यकारी निदेशक (सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा) डॉ. नितिन वाघ ने इस उपलब्धि का श्रेय जमीनी स्तर पर काम करने वाली टीम को दिया है। अधिकारियों ने मुख्य अभियंता श्री संजय कुऱ्हाडे, श्री राहुल सोहोनी और संपूर्ण परियोजना निर्माण विभाग की विशेष सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। यह पुरस्कार इस बात की पुष्टि करता है कि महाराष्ट्र अब हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Pratahkal Bureau
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