Janmashtami 2026: कृष्ण जन्मोत्सव में देशभर में जुटे नेता, मंदिरों में गूंजा भक्ति का स्वर
Janmashtami 2026 पर दिल्ली, वाराणसी, डिब्रूगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और केरल में भव्य आयोजन हुए। नेताओं ने मंदिरों में पूजा की और कृष्ण के संदेश व संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

तस्वीर में मंदिर के भीतर सजे हुए भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप और संतों की मूर्तियां दिखाई दे रही हैं, जिन्हें फूलों से सजाया गया है।
देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। विभिन्न राज्यों में राजनीतिक नेताओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और कृष्ण जन्मोत्सव में हिस्सा लिया। दिल्ली से लेकर असम, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और केरल तक जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
दिल्ली में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान कृष्ण से दिल्ली और पूरे देश के लोगों के लिए शांति, समृद्धि, सद्भाव और कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह भगवान श्रीकृष्ण के शाश्वत संदेश का उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएं लोगों को सत्य और धर्म के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए ईमानदारी, साहस और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती हैं।
वाराणसी में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स के महाप्रबंधक आशुतोष पंत कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और जन्मोत्सव समारोह में भाग लिया। कलाकारों और बच्चों ने भगवान कृष्ण के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान उनके बाल स्वरूप और जीवन की विभिन्न घटनाओं को दर्शाती झांकी भी प्रस्तुत की गई।
केरल के त्रिशूर जिले में गुरुवायुर मंदिर को जन्माष्टमी के लिए विशेष रूप से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर भगवान के दर्शन किए। जन्माष्टमी समारोह के तहत पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें केरल की सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
डिब्रूगढ़ में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने एएनआई से कहा, "मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं। बचपन से ही मेरे माता-पिता ने मेरे अंदर भक्ति की भावना पैदा की और मुझे भगवान कृष्ण के चरणों में स्वयं को समर्पित करना सिखाया। उन्होंने हमेशा मुझे दुनिया और मानव समाज के लिए काम करने के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया। जब भी कोई चुनौतियों का सामना करता है, भगवान कृष्ण हमेशा वहां होते हैं और भक्तों को शक्ति, साहस, शांति और सहनशक्ति प्रदान कर बाधाओं का सामना करने और उन्हें दूर करने में सक्षम बनाते हैं।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिलवा स्थित श्री राधा सरल बिहारी मंदिर पहुंचकर कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूजा-अर्चना की। वहीं, नाथद्वारा में ऐतिहासिक श्रीनाथजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर अनोखी 21 तोपों की सलामी दी गई।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, "भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव जन्माष्टमी पूरे देश और दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पूरा ब्रह्मांड इस उपस्थिति को महसूस कर सकता है। उत्तर प्रदेश के सभी निवासियों के घरों में सुख और समृद्धि हो, सभी परेशानियां दूर हों और राज्य और अधिक तेज गति से प्रगति करे।"
हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित लाडवा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, "आज जन्माष्टमी के अवसर पर हमें इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को अपने परिवारों और नई पीढ़ी तक कैसे पहुंचाया जाए। दुनिया के हर क्षेत्र में हरियाणा और भारत का नाम रोशन करें, लेकिन साथ ही अपने मूल्यों, संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहें। व्यक्ति के जीवन में आधुनिकता और मर्यादा दोनों होनी चाहिए। प्रतिभा के साथ विनम्रता होनी चाहिए और सफलता के साथ सेवा की भावना होनी चाहिए। यही हमारी संस्कृति की शक्ति है। यही विकसित भारत और विकसित हरियाणा की मजबूत नींव है।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस्कॉन मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा, "रुक्मिणी माता के हरण के दौरान रुक्मी के साथ हुए युद्ध का स्थल मध्य प्रदेश में धार के पास 'हमका-झमका' मंदिर के निकट स्थित है... गरीबी हो सकती है, परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं और ईश्वरीय लीला घटित हो सकती है, लेकिन भगवान ने इसके माध्यम से भी एक सीख दी, जो हम सभी के लिए है। इस्कॉन इंटरनेशनल ने उस गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। यहां एक भव्य देवी मंदिर बनाया जाना है।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर उत्सव में भाग लिया। उन्होंने कहा, "भगवान श्रीकृष्ण हम सभी का धर्म के मार्ग पर मार्गदर्शन करें। श्रीमद्भागवत के माध्यम से उन्होंने हमें इस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया, हमारे सामने एक आदर्श रखा और आने वाले समय के लिए संदेश दिया। आइए हम धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ें, ताकि उत्तराखंड एक आदर्श राज्य बने और हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़े।"
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने वाले कलाकारों को सम्मानित और प्रोत्साहित भी किया। प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं और धार्मिक विरासत समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं शिक्षाओं को जानने और समझने का अवसर देते हैं।
इस तरह जन्माष्टमी 2026 के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक अनुष्ठानों, मंदिरों में पूजा-अर्चना, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर श्रद्धालुओं और कलाकारों तक ने भाग लिया।

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