एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से खराब हो चुकी किडनी का सफल इलाज, मरीज को मिली नई राहत
कोलकाता में डॉक्टरों ने एक जटिल मामले में खराब हो चुकी और गंभीर संक्रमण से प्रभावित किडनी का एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से सफल इलाज किया। चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के बाद मरीज को मात्र तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

कोलकाता के आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ज़ीशान रहमान, जिन्होंने मरीज की जटिल लैप्रोस्कोपिक नेफ्रेक्टोमी सर्जरी का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया।
अक्सर किडनी की पथरी को सामान्य स्वास्थ्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन समय रहते उपचार न मिलने पर यही समस्या गंभीर रूप ले सकती है। कोलकाता के आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक ऐसे ही जटिल मामले में सफलता हासिल करते हुए खराब हो चुकी किडनी को एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सुरक्षित रूप से निकालकर मरीज को नई राहत प्रदान की।
जानकारी के अनुसार, मरीज पिछले एक महीने से शरीर के दाईं ओर लगातार दर्द की शिकायत से परेशान था। चिकित्सकीय जांच के दौरान पता चला कि उसकी दाईं किडनी में बड़ी पथरी मौजूद थी, जिसके कारण किडनी की कार्यक्षमता लगभग समाप्त हो चुकी थी। विस्तृत परीक्षण में यह भी सामने आया कि किडनी गंभीर संक्रमण की चपेट में आ गई थी, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई।
मरीज की हालत को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रभावित किडनी को शल्य प्रक्रिया के माध्यम से निकालने का निर्णय लिया। हालांकि यह ऑपरेशन अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। लंबे समय से बने हुए संक्रमण के कारण किडनी के आसपास व्यापक सूजन विकसित हो चुकी थी और वह शरीर की एक प्रमुख रक्तवाहिका से भी चिपक गई थी। इस वजह से सर्जरी के दौरान जोखिम काफी बढ़ गया था।
इन जटिल परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सकों की टीम ने आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक नेफ्रेक्टोमी सर्जरी को अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के कारण मरीज को बड़े चीरे वाले पारंपरिक ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे दर्द और रिकवरी अवधि दोनों में कमी आई।
आरजी स्टोन हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ज़ीशान रहमान ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में सर्जरी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, विशेष रूप से तब जब संक्रमण लंबे समय तक बना रहा हो। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीजों को कम दर्द, कम जटिलताओं और तेजी से स्वस्थ होने का लाभ मिल रहा है।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार दर्ज किया गया और उसे मात्र तीन दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह सफलता इस बात का महत्वपूर्ण उदाहरण है कि समय पर जांच, सही चिकित्सकीय परामर्श और आधुनिक उपचार तकनीकों की मदद से किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का भी सुरक्षित और प्रभावी इलाज संभव है।

Pratahkal Bureau
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