केरल स्त्री शक्ति SS-522 लॉटरी ड्रा का आयोजन, थिरुवनंतपुरम में 3 बजे होगी घोषणा
साप्ताहिक लॉटरी योजना में 1 करोड़ रुपये के प्रथम पुरस्कार समेत नौ श्रेणियों में विजेताओं को नकद इनाम दिया जाएगा, 30 दिनों के भीतर करना होगा दावा।

केरल राज्य के हजारों लॉटरी प्रतिभागियों के लिए आज का मंगलवार बेहद उत्सुकता और रोमांच से भरा होने वाला है, क्योंकि केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा साप्ताहिक स्त्री शक्ति SS-522 ड्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस बेहद लोकप्रिय योजना के तहत आज 1 करोड़ रुपये के बंपर प्रथम पुरस्कार सहित कई अन्य बड़े नकद पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, थिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में दोपहर ठीक 3 बजे इस भव्य ड्रा की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जबकि इसके तुरंत बाद दोपहर बाद तक पूरी परिणाम सूची आधिकारिक रूप से सार्वजनिक कर दी जाएगी। पूरे राज्य में फैले अधिकृत लॉटरी एजेंटों के माध्यम से मात्र 50 रुपये में बेचे जाने वाले इन टिकटों को लेकर प्रतिभागियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और हर कोई अपनी किस्मत चमकने की उम्मीद में नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
इस विशिष्ट स्त्री शक्ति SS-522 ड्रा के लिए पुरस्कारों की संरचना बेहद आकर्षक और व्यापक रखी गई है। इस ड्रा के तहत प्रथम पुरस्कार के विजेता को जहां सीधे 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि दी जाएगी, वहीं द्वितीय पुरस्कार के भाग्यशाली विजेता को 30 लाख रुपये का नकद पुरस्कार हासिल होगा। इसके अतिरिक्त, तृतीय पुरस्कार विजेता के खाते में 5 लाख रुपये की राशि जाएगी। मुख्य पुरस्कारों के साथ-साथ, इस लॉटरी योजना में निचले पायदानों की विभिन्न श्रेणियों में भी हजारों टिकट धारकों के पास शानदार नकद पुरस्कार जीतने के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। केरल राज्य लॉटरी विभाग प्रथम पुरस्कार जीतने वाले नंबर से जुड़ी अन्य सभी सीरीज के पात्र टिकट धारकों के लिए 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान करता है। इसके अलावा, परिणाम घोषणा की आधिकारिक प्रक्रिया के दौरान शीर्ष पुरस्कार जीतने वाले टिकटों से संबंधित लॉटरी एजेंटों के नाम और उनकी एजेंसी के नंबरों की भी बाकायदा सार्वजनिक घोषणा की जाएगी।
लॉटरी की इस विस्तृत पुरस्कार संरचना में कुल नौ मुख्य श्रेणियों को शामिल किया गया है, जो इस योजना को प्रतिभागियों के बीच और अधिक विश्वसनीय बनाती हैं। इसकी चौथी पुरस्कार श्रेणी के तहत उन हजारों विजेताओं को 5,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है, जिनके टिकट के अंतिम चार अंक विभाग द्वारा घोषित विशिष्ट चार अंकों के संयोजन से पूरी तरह मेल खाते हैं। इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए पांचवें पुरस्कार के रूप में 2,000 रुपये, छठे पुरस्कार में 1,000 रुपये, सातवें पुरस्कार में 500 रुपये, आठवें पुरस्कार में 200 रुपये और नौवें पुरस्कार के रूप में 100 रुपये की नकद राशियां वितरित की जाती हैं। यह बहुस्तरीय संरचना यह सुनिश्चित करती है कि यदि कोई प्रतिभागी शीर्ष पुरस्कारों को जीतने से चूक भी जाता है, तब भी बड़ी संख्या में आम लोग इस योजना से कुछ न कुछ राशि अवश्य जीत सकें। यही कारण है कि विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर कुल पुरस्कार वितरण की यह राशि कई करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
विभाग के नियमों के अनुसार, परिणामों की आधिकारिक घोषणा के बाद विजेताओं को केरल लॉटरी के आधिकारिक परिणामों से अपने टिकट नंबरों का अनिवार्य रूप से सत्यापन करना होगा। किसी भी पुरस्कार राशि पर दावा ठोकने की यह समय सीमा ड्रा की तारीख से ठीक 30 दिनों के भीतर निर्धारित की गई है। इसके तहत छोटी पुरस्कार राशियों का दावा संबंधित जिला लॉटरी कार्यालयों के माध्यम से सीधे किया जा सकता है, जबकि बड़ी पुरस्कार राशियों के दावों को आधिकारिक रूप से राज्य लॉटरी निदेशालय के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। पुरस्कार राशि प्राप्त करने के लिए विजेताओं को एक तय आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करना होगा, जिसमें सबसे पहले आधिकारिक परिणाम से जीतने वाले नंबर का सत्यापन करना शामिल है और फिर 30 दिनों के भीतर अपने मूल टिकट को जमा करना अनिवार्य है। इसके बाद 1 लाख रुपये तक के पुरस्कारों के लिए विजेताओं को जिला लॉटरी कार्यालय का दौरा करना होगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक की सभी बड़ी पुरस्कार श्रेणियों के दावों को सीधे राज्य लॉटरी निदेशक को सौंपना होगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विजेताओं को अपने मूल टिकट की एक स्व-सत्यापित प्रति, दो पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटोग्राफ, 1 रुपये के राजस्व टिकट (रेवेन्यू स्टैम्प) लगा हुआ हस्ताक्षरित रसीद पत्र और अपने पैन कार्ड की एक स्व-सत्यापित प्रति अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होगी। इसके अतिरिक्त यदि विभाग द्वारा आवश्यकता समझी जाती है, तो कुछ अन्य औपचारिक घोषणा पत्र भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो केरल में वर्ष 1967 से ही इस राज्य लॉटरी प्रणाली का निरंतर और सफल संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में केरल सरकार द्वारा हर सप्ताह सात अलग-अलग साप्ताहिक लॉटरियों और वर्ष भर में कई विशेष बंपर लॉटरियों का आयोजन किया जाता है। राज्य की इन लोकप्रिय साप्ताहिक ड्रा योजनाओं में स्त्री शक्ति, धनलक्ष्मी, समृद्धि, सुवर्णा केरलम, भाग्यतारा, कारुण्या प्लस और कारुण्या जैसी महत्वपूर्ण लॉटरियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन लॉटरी टिकटों की बिक्री से सरकार को जो भारी-भरकम राजस्व प्राप्त होता है, उसका एक बड़ा हिस्सा सीधे राज्य के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकासात्मक परियोजनाओं में लगाया जाता है। इन सरकारी फंडों का उपयोग मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों को वित्तीय सहायता देने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही, यह पूरी लॉटरी प्रणाली पूरे केरल राज्य में हजारों अधिकृत एजेंटों और उप-विक्रेताओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के बेहतरीन अवसर भी पैदा करती है। भारतीय आयकर नियमों के तहत लॉटरी से जीती गई सभी राशियां पूरी तरह से कर योग्य हैं। इसके तहत लॉटरी पुरस्कारों पर सीधे 30 प्रतिशत की निश्चित दर से आयकर लागू होता है, जबकि कुछ विशेष मामलों में अतिरिक्त उपकर (सेस) और अधिभार (सरचार्ज) के प्रावधान भी जोड़े गए हैं। नियमानुसार, 10,000 रुपये से अधिक की सभी जीती गई लॉटरी राशियों पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की व्यवस्था लागू की जाती है। जैसे-जैसे आज इस ऐतिहासिक SS-522 ड्रा का समय नजदीक आ रहा है, पूरे केरल के कोने-कोने में मौजूद प्रतिभागी अपनी किस्मत बदलने की उम्मीद में इस आधिकारिक घोषणा पर टिकी निगाहों के साथ सांसें थामे बैठे हैं।

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