james watson death 2025 : वैज्ञानिक समुदाय ने आज एक महान हस्ती को खो दिया है। नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स डी. वाटसन का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वाटसन डीएनए की डबल-हेलिक्स संरचना के सह-खोजकर्ताओं में से एक थे, जिन्होंने 1953 में ब्रिटिश वैज्ञानिक फ्रांसिस क्रिक के साथ जीवन के सबसे गूढ़ रहस्यों में से एक को उजागर किया। इस खोज ने आणविक जीव विज्ञान और जेनेटिक अनुसंधान में अभूतपूर्व प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया।

जेम्स वाटसन का जन्म अप्रैल 1928 में शिकागो में हुआ। उन्होंने 15 वर्ष की आयु में शिकागो विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त की, जहाँ उन्हें विवर्तन की नई तकनीकों में गहरी रुचि हुई। बाद में उन्होंने इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और वहीं उनकी मुलाकात फ्रांसिस क्रिक से हुई। वाटसन और क्रिक ने रोजालिंड फ्रैंकलिन के एक्स-रे चित्रों की सहायता से डीएनए के भौतिक मॉडल को विकसित किया, जिससे दुनिया को जीवन के अनुवांशिक कोड की संरचना की समझ मिली।

1962 में, वाटसन ने क्रिक और मौरिस विल्किंस के साथ डीएनए की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार साझा किया। उन्होंने उस समय कहा था, "हमने जीवन का रहस्य खोज लिया है।" वाटसन ने अपने जीवन में विज्ञान के क्षेत्र में कई योगदान दिए, जिसमें हार्वर्ड और कोल्ड स्प्रिंग हार्बर प्रयोगशाला में उनके नेतृत्व और अनुसंधान को विशेष महत्व दिया जाता है।

हालांकि, वाटसन का करियर विवादों से भी अछूता नहीं रहा। उनके नस्ल और लिंग संबंधी विवादास्पद बयानों ने वैज्ञानिक समुदाय में उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचाया। 2000 के दशक में उनके बयानों के कारण उन्हें बड़े पैमाने पर बहिष्कृत किया गया और कोल्ड स्प्रिंग हार्बर प्रयोगशाला ने उनसे कई मानद पदों को वापस ले लिया। 2014 में उन्होंने अपने नोबेल पदक को नीलामी में बेच दिया, जो विवादों के बाद वैज्ञानिक समुदाय द्वारा बहिष्कार का प्रतीक बन गया।

वाटसन ने अपने शोध और नेतृत्व के माध्यम से विज्ञान में अमूल्य योगदान दिया। उनके द्वारा किए गए कार्य ने डीएनए संरचना की समझ को गहरा किया और भविष्य की पीढ़ियों के लिए आनुवंशिक अनुसंधान के द्वार खोले। उनके निधन से वैज्ञानिक समुदाय एक ऐसे महान दार्शनिक और शोधकर्ता को खो गया है, जिनकी खोजें और दृष्टिकोण हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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