बैंक धोखाधड़ी मामला: जय अनमोल अंबानी से CBI की पूछताछ

नई दिल्ली:

देश की प्रमुख जांच एजेंसी, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। इस जांच की आंच अब उद्योगपति अनिल अंबानी के परिवार तक पहुंच गई है। शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को CBI ने अनिल अंबानी के बड़े बेटे, जय अनमोल अंबानी का बयान दर्ज किया। यह पूछताछ ₹228 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है, जिसमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) की भूमिका जांच के दायरे में है।

6 घंटे तक चला सवालों का दौर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय अनमोल अंबानी को समन जारी कर दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय बुलाया गया था। वह शुक्रवार को जांच अधिकारी के सामने पेश हुए, जहां उनसे लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने कंपनी के वित्तीय लेन-देन, ऋण वितरण की प्रक्रियाओं और बोर्ड के निर्णयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच एजेंसी ने उन्हें संतुष्ट न होने पर दोबारा शनिवार, 14 मार्च 2026 को भी पूछताछ के लिए तलब किया है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) द्वारा लिए गए ऋण और उसके कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। CBI ने पिछले साल 6 दिसंबर को एक आधिकारिक शिकायत के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इस मामले में मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • ऋण का गलत इस्तेमाल: आरोप है कि कंपनी ने बैंकों से प्राप्त ऋण की राशि का उपयोग उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया जिनके लिए वह ली गई थी।
  • संबद्ध संस्थाओं को धन हस्तांतरण: जांच में यह बात सामने आई है कि धन को कथित तौर पर रिलायंस समूह की ही अन्य संस्थाओं या संबद्ध कंपनियों में डाइवर्ट (हस्तांतरित) किया गया था।
  • दस्तावेजों में हेरफेर: शिकायत के अनुसार, ऋण स्वीकृत करते समय और बाद में वित्तीय विवरणों में कथित रूप से अनियमितताएं बरती गईं।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज है केस

CBI ने इस मामले में केवल जय अनमोल अंबानी ही नहीं, बल्कि कंपनी के कई अन्य शीर्ष अधिकारियों को भी नामजद किया है। FIR में रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), इसके तत्कालीन निदेशक जय अनमोल, पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधाल्कर, और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।

SEBI पहले ही लगा चुका है प्रतिबंध

उल्लेखनीय है कि जय अनमोल अंबानी और अनिल अंबानी की मुश्किलें केवल CBI तक सीमित नहीं हैं। इससे पहले, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने भी रिलायंस होम फाइनेंस के फंड के कथित दुरुपयोग के मामले में सख्त कार्रवाई की थी। SEBI ने अनिल अंबानी और जय अनमोल सहित कई अधिकारियों पर बाजार से जुड़े प्रतिबंध लगाए थे और भारी जुर्माना भी ठोंका था।

जांच का भविष्य और असर

CBI अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या फंड के इस कथित डाइवर्जन के पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी। 14 मार्च को होने वाली दोबारा पूछताछ में एजेंसी उन दस्तावेजों का मिलान कर सकती है जो शुक्रवार की पूछताछ के दौरान सामने आए हैं।

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने एक बार फिर भारतीय कॉर्पोरेट जगत में बैंकिंग पारदर्शिता और गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिलायंस समूह की कंपनियों के शेयरों और बाजार में साख पर भी इस जांच का मनोवैज्ञानिक असर देखा जा रहा है।


फिलहाल जय अनमोल अंबानी जांच में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन ₹228 करोड़ का यह मामला आने वाले दिनों में और भी कानूनी मोड़ ले सकता है। CBI का अगला कदम शनिवार की पूछताछ के बाद मिलने वाले नए तथ्यों पर निर्भर करेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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