सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में राधे का किरदार निभा रहे वेंकटेश पांडे अपने पात्र के साहस, आत्मसम्मान, निष्ठा और माता-पिता के प्रति गहरे प्रेम से प्रभावित हैं। धारावाहिक में राधे के प्रवेश के साथ कहानी एक ऐसे महत्वपूर्ण किरदार की यात्रा को सामने ला रही है, जिसका जीवन पांडवों और कौरवों, दोनों से गहराई से जुड़ा हुआ है। शो में पांडवों और कौरवों के शुरुआती वर्षों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, साथ ही उन रिश्तों और अनुभवों को भी दिखाया जा रहा है, जो उनके जीवन को आकार देते हैं।

राधे की भूमिका निभाने के अपने अनुभव को साझा करते हुए वेंकटेश पांडे ने बताया कि इस किरदार की भावनात्मक गहराई और व्यक्तित्व की कई परतों ने उन्हें इसकी ओर आकर्षित किया। उनके मुताबिक, राधे का किरदार निभाना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा है। वह राधे के साहस, आत्मसम्मान और अपने माता-पिता के प्रति उनके गहरे प्रेम से प्रभावित हैं। किरदार की जीवन यात्रा में छिपी भावनात्मक गहराई और उसके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं ने इस भूमिका को उनके लिए खास बनाया है।

राधे की निष्ठा और प्रतिबद्धता के बारे में बात करते हुए वेंकटेश ने कहा कि यही गुण उन्हें प्रशंसनीय बनाने के साथ कई कठिन परिस्थितियों में भी डालते हैं। उनके अनुसार, राधे अपने वचनों और प्रतिबद्धताओं पर तब भी कायम रहते हैं, जब उनके सामने मौजूद विकल्प बेहद कठिन होते हैं। यही विशेषता उन्हें मानवीय बनाती है और दर्शकों को उनसे जुड़ने का अवसर देती है।

राधे के किरदार से निजी जीवन में मिली सीख के सवाल पर वेंकटेश पांडे ने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, खुद पर विश्वास बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इस भूमिका ने उन्हें यह समझने में मदद की है कि संघर्ष किसी व्यक्ति की कीमत तय नहीं करते। उन्होंने उदारता, निष्ठा और दृढ़ता को ऐसे मूल्य बताया, जिन्हें जीवन में हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

महाभारत के पात्र को प्रामाणिकता के साथ पर्दे पर उतारने की चुनौती पर वेंकटेश ने बताया कि उन्होंने राधे को केवल एक योद्धा के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उसकी भावनाओं और रिश्तों को समझने पर ध्यान दिया। वह राधे के माता-पिता के प्रति प्रेम, उसकी उदारता और जीवन में आने वाले संघर्षों को अपने अभिनय का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। इसके साथ ही वह महाभारत की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए किरदार और पूरी कहानी के प्रति सम्मान बनाए रखने का प्रयास करते हैं।

एक अभिनेता के रूप में राधे को समझने में मदद करने वाले खास दृश्यों का जिक्र करते हुए वेंकटेश ने बताया कि वे दृश्य उन्हें सबसे अधिक भावुक करते हैं, जिनमें उसके परिवार को उसके कवच-कुंडल के रहस्य की रक्षा करते हुए दिखाया गया है। सोनी सब के ‘हस्तिनापुर के वीर’ में पांडवों और कौरवों का बचपन दिखाया गया है। वेंकटेश के अनुसार, राधे के बचपन के संघर्ष बेहद वास्तविक महसूस होते हैं। इन दृश्यों ने उन्हें राधे की ताकत के पीछे छिपी संवेदनशीलता और भावनात्मक कमजोरी को समझने में मदद की।

धारावाहिक की शूटिंग के यादगार अनुभवों के बारे में वेंकटेश ने कहा कि राधे का परिधान पहनना, विशेष रूप से कवच और कुंडल धारण करना और उसकी दुनिया में कदम रखना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। भव्य परिधान, हथियार और किरदार की विशिष्ट बॉडी लैंग्वेज उन्हें राधे से अधिक गहराई से जुड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घंटों लंबी शूटिंग ने उन्हें अनुशासन, धैर्य और समर्पण का महत्व सिखाया है।

सोनी सब का धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ सोमवार से शनिवार रात 9:00 बजे प्रसारित होता है। शो में राधे की भूमिका के जरिए वेंकटेश पांडे उसके साहस, पारिवारिक रिश्तों, निष्ठा और भावनात्मक संघर्षों को पर्दे पर प्रस्तुत कर रहे हैं।


Pratahkal Bureau

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