कानपुर। भारतीय ई-स्पोर्ट्स और गेमिंग की दुनिया से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने न केवल प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि एक उभरते करियर पर भी विराम लगा दिया है। फ्री फायर MAX गेमिंग समुदाय के अत्यंत प्रतिभाशाली और ऊर्जावान खिलाड़ी गौरव तिवारी, जिन्हें वर्चुअल दुनिया में ‘मार्वल’ के नाम से पहचाना जाता था, अब हमारे बीच नहीं रहे। महज 16-17 वर्ष की अल्पायु में जीवन की जंग हार जाने वाले गौरव के निधन से पूरे देश के गेमिंग गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने मोबाइल स्क्रीन पर अपनी उंगलियों के जादू से हजारों प्रशंसकों का दिल जीता, वह बीमारी के सामने बेबस हो गया, जिससे उनके परिवार और समुदाय में गहरा खालीपन पैदा हो गया है।

पारिवारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरव तिवारी पिछले काफी समय से 'एसाइटिस' (Ascites) नामक एक गंभीर चिकित्सा स्थिति से संघर्ष कर रहे थे। इस बीमारी में पेट के भीतर असामान्य रूप से तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जो धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों पर दबाव डालता है। उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उन्हें कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के परामर्श पर गौरव की सर्जरी भी की गई, किंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था। ऑपरेशन के पश्चात उनकी स्थिति में सुधार होने के बजाय जटिलताएं बढ़ती चली गईं। जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते हुए अंततः 26 दिसंबर 2025 को इस जांबाज खिलाड़ी ने अंतिम सांस ली।

गौरव तिवारी का जाना केवल एक व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि यह चिकित्सा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। उनके परिजनों और करीबियों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गौरव की स्थिति अत्यंत नाजुक होने के बावजूद उन्हें समय पर वह उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई जिसकी उन्हें आवश्यकता थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि उपचार के दौरान रक्त की तत्काल व्यवस्था करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी और अस्पताल प्रबंधन का रवैया भी अपेक्षित रूप से सहायक नहीं रहा। हालांकि, इन संगीन आरोपों पर अभी तक स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या पुष्टि जारी नहीं की गई है, लेकिन परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

यदि गौरव के पेशेवर सफर पर नजर डालें, तो उनका व्यक्तित्व एक साधारण किशोर से कहीं ऊपर था। वर्ष 2008 में जन्मे गौरव ने बहुत छोटी उम्र में ही डिजिटल दुनिया के प्रतिस्पर्धी माहौल को समझ लिया था। 2023 तक आते-आते वे कॉम्पिटिटिव फ्री फायर MAX के एक स्थापित नाम बन चुके थे। 'हेड हंटर्स' टीम के मुख्य स्तंभ के रूप में उन्होंने अपनी 'रशर' शैली से विरोधियों के पसीने छुड़ा दिए थे। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भारत के अग्रणी ई-स्पोर्ट्स संगठन 'S8UL' के लिए भी प्रतिनिधित्व किया। गौरव की सबसे बड़ी खूबी उनका अटूट हौसला था; बताया जाता है कि सर्जरी के मात्र एक सप्ताह बाद भी वे अपनी टीम को सपोर्ट करने और टूर्नामेंट खेलने के लिए आतुर थे, जो उनके गेमिंग के प्रति जुनून को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर इस खबर के फैलते ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया है। बड़े-बड़े कंटेंट क्रिएटर्स और साथी खिलाड़ियों ने गौरव उर्फ ‘मार्वल’ को एक ऐसा योद्धा बताया है जिसने मैदान और जीवन, दोनों जगह अंतिम समय तक हार नहीं मानी। गौरव का असमय जाना भारतीय ई-स्पोर्ट्स के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि खेल के मैदानों में चमकने वाले इन सितारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति समाज कितना सजग है। ‘मार्वल’ का नाम गेमिंग इतिहास के पन्नों में एक ऐसे सितारे के रूप में दर्ज रहेगा जिसकी चमक समय से पहले फीकी पड़ गई, लेकिन जिसकी विरासत आने वाले नए खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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