मुंबई, जून 2026: भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ समान धान की फसल को कीटों के विनाशकारी हमले से बचाने के लिए कृषि क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कॉर्टेवा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण नवाचार करते हुए 'मैविलॉन™' लॉन्च किया है। यह नई ग्रेन्युलर इंसेक्टिसाइड तकनीक धान की खेती में कीट प्रबंधन को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। इस उत्पाद का भव्य अनावरण हैदराबाद में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में किया गया, जहाँ कॉर्टेवा के सीईओ चक मैग्रो ने कंपनी के ग्राहकों, चैनल भागीदारों और उद्योग के प्रमुख हितधारकों की उपस्थिति में इस आधुनिक समाधान को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया।

भारत में चावल न केवल दैनिक आहार का अभिन्न अंग है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती का आधार भी है। बावजूद इसके, धान उत्पादक क्षेत्रों के किसान लंबे समय से कीटों के प्रकोप से जूझ रहे हैं। ब्राउन प्लांट हॉपर (बीपीएच) और स्टेम बोरर जैसे घातक कीट फसलों को भारी नुकसान पहुँचाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में गिरावट आती है और अनाज की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। वर्तमान में, अधिकांश किसान फसल में कीटों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने के बाद ही उपचार करते हैं, जो अक्सर बहुत देर हो जाने पर होता है। इसके अतिरिक्त, कृषि सीजन के व्यस्त समय में श्रम की कमी और अनिश्चित मानसूनी बारिश जैसी चुनौतियाँ भी किसानों की दुश्वारियाँ बढ़ा देती हैं।

मैविलॉन™ का मुख्य उद्देश्य इसी समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करना है। इस उत्पाद को धान की रोपाई के 30 से 35 दिनों बाद केवल एक बार उपयोग करना आवश्यक है। इसकी उन्नत ग्रेन्युलर फॉर्मूलेशन फसल में क्षति के लक्षण प्रकट होने से पूर्व ही सक्रिय सुरक्षा कवच प्रदान करती है। यह तकनीक ब्राउन प्लांट हॉपर के खिलाफ 60 दिनों की दीर्घकालिक सुरक्षा और स्टेम बोरर के विरुद्ध 15 दिनों का रक्षा चक्र सुनिश्चित करती है। यह अवधि फसल के उन संवेदनशील चरणों में सुरक्षा प्रदान करती है, जो सीधे तौर पर उत्पादन क्षमता को प्रभावित करते हैं।

मैविलॉन™ के उपयोग से किसानों को न केवल फसल सुरक्षा का दोहरा लाभ मिलता है, बल्कि बार-बार कीटनाशक स्प्रे करने की आवश्यकता में कमी आने से उनकी मेहनत और कार्य की जटिलता भी कम हो जाती है। यह समाधान खेती के कठिन समय में किसानों को बेहतर नियंत्रण और अधिक भरोसेमंद परिणाम देने में सक्षम है। मैविलॉन™ को बाजार में उतारकर कॉर्टेवा ने वैज्ञानिक और टिकाऊ फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध किया है। इस नई तकनीक से न केवल धान की फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि किसानों की आय में सुधार के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में उत्पादकता के नए प्रतिमान भी स्थापित होंगे।

Pratahkal Newsroom

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