भारतीय टेलीविजन के दिग्गज फिल्म निर्माता, निर्देशक और अभिनेता बृजेंद्र पाल सिंह, जिन्हें बीपी सिंह के नाम से जाना जाता था, का 27 अक्टूबर (मंगलवार) को 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक की लहर है। मशहूर क्राइम सीरियल सीआईडी (CID) और हॉरर शो आहट (Aahat) के जरिए देशभर के दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाले बीपी सिंह को बड़े पैमाने पर आए हार्ट अटैक के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी। उनके निधन की पुष्टि फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

बीपी सिंह ने भारतीय टेलीविजन को कई यादगार धारावाहिक दिए। सीआईडी में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले के किरदार में उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने खूब सराहा। पर्दे के पीछे एक निर्माता और निर्देशक के रूप में उन्होंने अपराध, सस्पेंस और हॉरर जैसी शैलियों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन को टेलीविजन जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके जाने के बाद कई टीवी कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके साथ बिताए पलों और उनके योगदान को याद किया।

बीपी सिंह ने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से फिल्म सिनेमैटोग्राफी की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने 1973 में दूरदर्शन में कैमरामैन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। कैमरे के पीछे काम करते हुए उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञता हासिल की और बाद में निर्माण तथा निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। उनकी रचनात्मकता और कैमरे पर पकड़ ने उन्हें टेलीविजन की दुनिया में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

उन्होंने एक शून्य शून्य, आहट और जिंदगी बदल सकता है हादसा जैसे धारावाहिकों का निर्माण किया। इसके बाद सीआईडी से उनका जुड़ाव हुआ, जिसमें उन्होंने अभिनय भी किया और डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले की भूमिका से व्यापक लोकप्रियता हासिल की। उनके अन्य प्रोजेक्ट्स में खाकी, अभय, सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन और गुटुर गु शामिल हैं। उन्होंने सैफ अली खान और करीना कपूर के साथ बॉलीवुड फिल्म एजेंट विनोद में भी काम किया।

बीपी सिंह को कैमरे के तकनीकी इस्तेमाल और सिंगल-शॉट स्टोरीटेलिंग में अपनी विशेषज्ञता के लिए भी जाना जाता था। भारतीय टेलीविजन में उनके लंबे योगदान के बाद उन्हें 2018 से 2020 तक फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला। इस तरह उन्होंने उसी संस्थान में नेतृत्व की भूमिका निभाई, जहां से दशकों पहले उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी।

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद सीआईडी से जुड़े कलाकारों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। सीरियल में एसीपी प्रद्युमन की भूमिका निभाने वाले शिवाजी साटम ने वैरायटी इंडिया से बातचीत में बीपी सिंह को याद करते हुए कहा, “आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय समाप्त हो गया। वह एक महान इंसान और महान दोस्त थे। मैंने उनसे सब कुछ सीखा। मैं थिएटर से आया था और मंच पर अभिनय करना जानता था, लेकिन बीपी सिंह ने मुझे सिखाया कि कैमरे के सामने कैसे प्रदर्शन करना है और जरूरत पड़ने पर अपने किरदार को प्रभावशाली कैसे बनाना है। उन्होंने मुझे मैग्निफिकेशन की अवधारणा बहुत अच्छी तरह समझाई। वह एक शानदार शिक्षक थे।”

शिवाजी साटम ने आगे कहा, “दोस्ती में गलतफहमियां और झगड़े होते हैं, लेकिन हमारी बात कभी उससे आगे नहीं बढ़ी। वह मेरी जिंदगी के हर दौर में मेरे साथ रहे। हमारे रिश्ते को किसी एक चीज तक सीमित नहीं किया जा सकता। वह एक अद्भुत और शानदार दोस्त थे, जिन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उनके जैसे व्यक्ति को पद्मश्री मिलना चाहिए था, लेकिन उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की। वह कहते थे, 'छोड़ो, इससे क्या फर्क पड़ने वाला है? हमारे दर्शक तो हैं, है ना?' दर्शक आज भी हैं। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।”

बीपी सिंह के निधन की जानकारी देने वाले फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “यह जानकर दुख हुआ कि बेहतरीन निर्माता-निर्देशक बीपी सिंह जी का आज सुबह बड़े पैमाने पर आए हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। वह एक शानदार फिल्म निर्माता थे, जिन्होंने सीआईडी और आहट जैसे क्राइम शो के जरिए पूरे देश के दर्शकों को बांधे रखा। उनका काम आज भी प्रेरणा देता है और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा। जब वह इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, तब मुझे उनके बेहद करीबी सहयोगी के रूप में काम करने का सौभाग्य मिला था।”

सीआईडी में दया की भूमिका निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने भी हिंदुस्तान टाइम्स सिटी से बातचीत में बीपी सिंह के काम के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा, “बीपी सिंह जी की जिंदगी में कंटेंट बनाने के अलावा कोई दूसरी जिंदगी नहीं थी। वह अपने काम के प्रति समर्पित थे और इसे लेकर बेहद जुनूनी थे। वह हमारे सबसे बेहतरीन कैमरामैन में से एक थे। वह काफी समय से अस्वस्थ थे और आज सुबह नहीं उठे। यह उम्र से जुड़ी समस्या थी; उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।”

बीपी सिंह का निधन उस शख्सियत के जाने का संकेत है, जिसने अभिनय, निर्माण, निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी के जरिए भारतीय टेलीविजन को कई यादगार प्रस्तुतियां दीं। सीआईडी और आहट जैसे धारावाहिकों से उनकी पहचान लंबे समय तक दर्शकों के बीच बनी रही, जबकि उनके साथ काम करने वाले कलाकारों की यादों और श्रद्धांजलियों से उनके पेशेवर योगदान तथा व्यक्तिगत रिश्तों की अहमियत सामने आई।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story