Thailand hospitality sector alcohol rule : थाईलैंड में दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच शराब की बिक्री पर लगी पाबंदी कभी दुनिया भर के यात्रियों के लिए एक अनोखी पहेली जैसी थी। यह प्रतिबंध किसी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा नहीं था, बल्कि पाँच दशकों पुराने उस कड़े शासन का अवशेष था, जिसने देश के सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे को नियंत्रित तरीके से संचालित करने की कोशिश की थी। अब, नवंबर 2025 में, थाई सरकार ने इस लंबे समय से चले आ रहे नियम में ढील देकर पर्यटन क्षेत्र को राहत दी है। लेकिन यह पाबंदी क्यों लगाई गई थी और इसके पीछे क्या सोच काम करती थी, यह जानना उतना ही रोचक है जितना इसके हटने का असर समझना।

इस नियम की जड़ें वर्ष 1972 तक जाती हैं, जब थाईलैंड सैन्य नेतृत्व के अधीन था। सरकार का मानना था कि दिन के समय बिना रोक-टोक शराब की उपलब्धता कर्मचारियों की उत्पादकता को सीधे प्रभावित कर रही थी। कार्यालय समय में ध्यान भटकाने वाले कारकों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने दोपहर में शराब की बिक्री रोकने का समय तय किया। सरकारी दस्तावेज़ों में यह प्रावधान सार्वजनिक कल्याण की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया, लेकिन व्यवहार में यह कार्यबल पर अनुशासन सुनिश्चित करने का एक साधन था जिसने वर्षों तक अपनी पकड़ बनाए रखी।

इसके साथ ही, सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना भी इस नियम के पीछे एक बड़ा कारण था। प्रशासन ने देखा था कि दिन में शराब का सेवन अक्सर छोटी-मोटी सार्वजनिक अव्यवस्थाओं और अपराध की घटनाओं को जन्म देता है। अधिकारियों का मानना था कि यदि कुछ घंटों के लिए शराब उपलब्ध न हो, तो ऐसी घटनाओं की संभावना कम हो सकती है। इसी सोच ने इस प्रतिबंध को और अधिक वैधता दी।

लेकिन समय के साथ तस्वीर बदलने लगी। दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल थाईलैंड में होटल, रेस्टोरेंट और मनोरंजन व्यवसायों ने इस पाबंदी को पुराना और पर्यटन-अनुकूलता के विरुद्ध माना। विदेशी यात्रियों में इस नियम को लेकर भ्रम आम था, और कई उद्योगों ने दावा किया कि इस प्रतिबंध से कारोबार प्रभावित होता है। शुरुआती डर यह था कि प्रतिबंध में ढील से सामाजिक अनुशासन पर विपरीत असर पड़ सकता है, लेकिन पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था में बढ़ते दबाव ने सरकार को पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया।

लंबी समीक्षा के बाद सरकार ने नवंबर 2025 में इस पाबंदी में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए। अब लाइसेंस प्राप्त होटल, रिसॉर्ट और मनोरंजन स्थलों को दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच शराब बेचने की अनुमति दे दी गई। इस फैसले को पर्यटन उद्योग को आधुनिक और सुविधाजनक अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार की गई नीति के रूप में पेश किया गया, जिसका स्वागत व्यवसायिक समुदाय ने उत्साह से किया।

हालांकि छूट मिलने के बावजूद भी कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। अपडेटेड कानून के तहत यदि इस पूर्व प्रतिबंधित समय के दौरान किसी व्यक्ति को शराब पीते हुए पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है, चाहे उसने शराब पहले खरीदी हो या नहीं। इस प्रावधान ने बार और रेस्टोरेंट मालिकों में चिंता बढ़ाई है, क्योंकि वे मानते हैं कि इस जटिल दंड व्यवस्था से ग्राहक एक बार फिर असमंजस में पड़ सकते हैं। सरकार द्वारा नीतियों में ढील देने के बावजूद, इनके क्रियान्वयन को लेकर अभी भी स्पष्ट दिशा-निर्देशों की जरूरत महसूस की जा रही है।

थाईलैंड में पाँच दशक पुराने इस नियम में ढील देश के बदलते सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य का संकेत है। यह केवल शराब नीति में परिवर्तन नहीं, बल्कि बदलती प्राथमिकताओं, आधुनिक पर्यटन जरूरतों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढलने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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