औद्योगिक क्षेत्र निंबाहेड़ा के यदुपति सिंघानिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में जेके सीमेंट द्वारा आयोजित पर्यावरण सुरक्षा सप्ताह का सोमवार को अत्यंत भव्य और चेतना जाग्रत करने वाले माहौल में शुभारंभ किया गया। सप्ताह भर चलने वाले इस वृहद और सघन अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं सहित संपूर्ण समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी जागरूकता पैदा करना है। इस अभियान के तहत आमजन को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम के इस गरिमामयी शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए जेके सीमेंट के तकनीकी प्रमुख राजेश सोनी ने पर्यावरण सुरक्षा के महायज्ञ में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता और उनके सकारात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने जनमानस का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हम सभी अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग को न्यूनतम स्तर पर ले आएं और अधिक से अधिक पौधारोपण कर पूरी जिम्मेदारी के साथ उनकी देखभाल करें, तो यह धरा को सुरक्षित रखने में हमारा सबसे महत्वपूर्ण योगदान होगा।

औपचारिक उद्बोधन के पश्चात तकनीकी प्रमुख राजेश सोनी ने हरी झंडी दिखाकर विशाल पर्यावरण जागरूकता रैली को रवाना किया। इस रैली में संस्थान के प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रशिक्षुओं ने आसपास की विभिन्न कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों का भ्रमण किया तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेशों से युक्त गगनभेदी नारे लगाते हुए स्थानीय लोगों को प्रकृति के प्रति उनके कर्तव्यों के लिए जागरूक किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जिला प्रदूषण नियंत्रण विभाग के दीपेश कुमार, अंकित एवं सूर्यकांत ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही जेके सीमेंट के तकनीकी प्रमुख राजेश सोनी, पर्यावरण विभाग के चंद्रकांत तिवारी, रवि पाटीदार, सीएसआर प्रमुख राहुल कुमार तथा कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सम्मिलित होकर अभियान को संबल प्रदान किया। संस्थान के प्राचार्य के.एल. जोशी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल किसी एक दिन का दायित्व मात्र नहीं है, बल्कि इसे हमारी नियमित जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।

इस दौरान संस्थान के प्रतिभावान प्रशिक्षुओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के ज्वलंत विषय पर आधारित दो अत्यंत प्रभावशाली लघु नाटकों का जीवंत मंचन किया गया। इन नाटकों के माध्यम से समाज में लगातार हो रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और प्लास्टिक प्रदूषण से मानव जीवन व प्रकृति पर होने वाले विनाशकारी दुष्प्रभावों को इतने मर्मस्पर्शी रूप में प्रस्तुत किया गया कि वहां उपस्थित प्रत्येक दर्शक पर्यावरण की इस गंभीर समस्या पर सोचने के लिए मजबूर हो गया।

इस विशेष पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत युवाओं की रचनात्मकता को निखारने के लिए पोस्टर मेकिंग, मॉडल मेकिंग, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट तथा एक सघन पर्यावरण प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न बौद्धिक एवं कलात्मक प्रतियोगिताओं का भी शानदार आयोजन किया गया। इन सभी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा मंच से पुरस्कृत और सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के गरिमापूर्ण समापन अवसर पर संस्थान परिसर के भीतर सामूहिक रूप से व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया, साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए मूक पक्षियों के लिए पेड़ों पर परिंदे बांधकर जल की व्यवस्था की गई। अंत में वहां उपस्थित सभी अधिकारियों, अतिथियों और संकाय सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करने और संपूर्ण समाज में इस चेतना का निरंतर विस्तार करने का सामूहिक संकल्प लिया।

Updated On
Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story