चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के सैदापेट इलाके में रसोई गैस की किल्लत और आसमान छूती कीमतों के खिलाफ एक बेहद भावुक और अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (AIDWA) से जुड़ी महिलाओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त करने के लिए पारंपरिक शोक विलाप का सहारा लिया। इस प्रदर्शन की तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर आते ही व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

सैदापेट में एकत्रित हुईं प्रदर्शनकारी महिलाओं ने विरोध के केंद्र में एक एलपीजी सिलेंडर को रखा और उसके चारों ओर घेरा बनाकर बैठ गईं। इस दौरान महिलाओं ने सिलेंडर पर फूल चढ़ाए और उसके ऊपर सिर रखकर रोने का प्रतीकात्मक नाटक किया। यह प्रदर्शन तमिलनाडु की सदियों पुरानी 'ओपारी' परंपरा पर आधारित था, जिसमें किसी की मृत्यु पर विलाप करते हुए शोक गीत गाए जाते हैं। महिलाओं ने इस 'मरसिया' के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि बढ़ती कीमतों के कारण रसोई गैस अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होकर प्रतीकात्मक रूप से 'मर' चुकी है।

प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि केंद्र सरकार गैस की किल्लत को दूर करने में पूरी तरह विफल रही है। महिलाओं ने तर्क दिया कि बेतहाशा बढ़ी हुई कीमतों ने गरीब परिवारों के चूल्हे बुझा दिए हैं, जिससे आम जनता का जीवन निर्वाह करना कठिन हो गया है। यह प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार न केवल बढ़ती महंगाई पर प्रहार था, बल्कि सरकार की कथित विफलता के खिलाफ एक गहरा राजनीतिक संदेश भी था। यह घटना अब एक बड़े जन-आक्रोश का चेहरा बनकर उभरी है, जिसने रसोई बजट के संकट को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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