Women Cash Schemes 2025 India : जैसे-जैसे बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की डेडलाइन नजदीक आ रही है, महिलाओं को नकद सहायता के मुद्दे पर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। पूरे भारत में कई राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण, वित्तीय सुरक्षा और घरेलू खर्चों में मदद के लिए डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं का संचालन कर रही हैं। इन योजनाओं का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

अंकड़ों के मुताबिक लगभग 15 राज्यों में महिलाओं को मासिक या समय-समय पर कैश ट्रांसफर योजनाओं के जरिए सीधे लाभ दिया जा रहा है। कुल मिलाकर इन योजनाओं में अनुमानित वार्षिक खर्च 2.46 लाख करोड़ रुपए है। झारखंड इस मामले में सबसे आगे है, जहां मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए मिलते हैं। इस योजना में केवल आयकरदाता या सरकारी कर्मचारी न होने वाली महिलाएं शामिल हैं।

कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण है, जिसमें परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपए मिलते हैं। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को 1,500 रुपए मिलते हैं, जबकि मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना में यह राशि दिसंबर 2025 में बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दी गई थी। भविष्य में मध्य प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि इसे 5,000 रुपए तक बढ़ाया जा सकता है।

दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में भी महिलाओं को मासिक सहायता दी जा रही है। तमिलनाडु में कलैग्नार मगलिर उरीमाई थोगाई योजना के तहत योग्य महिला मुखियाओं को 1,000 रुपए मिलते हैं। पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी भंडार योजना सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को 1,200 रुपए देती है। असम की ओरुनोडोई योजना, छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना और उड़ीसा की सुभद्रा योजना भी महिलाओं को मासिक या पांच साल में कुल रकम के रूप में सहायता प्रदान करती हैं। दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में भी महिलाएं विभिन्न नकद सहायता योजनाओं का लाभ उठा रही हैं।

इन सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना, उन्हें सशक्त बनाना और घरेलू खर्चों में सहयोग सुनिश्चित करना है। यह प्रयास न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार करेगा, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और वित्तीय सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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