क्या अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगा सिलेंडर? एलपीजी की किल्लत से भारत के कई शहरों में होटल हुए बंद...
पश्चिम एशिया युद्ध के चलते मुंबई में एलपीजी का भीषण संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण शहर के 20% होटल बंद हो गए हैं। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू सिलेंडर बुकिंग की अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। जानें कैसे रिफाइनरियों पर बढ़ते दबाव और कमर्शियल गैस की किल्लत ने मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है और AHAR की 48 घंटे की चेतावनी का क्या होगा असर।

मुंबई। पश्चिम एशिया में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने मुंबई की रसोई और अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से महानगर में कमर्शियल एलपीजी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे शहर का होटल उद्योग घुटनों पर आ गया है। इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) ने पुष्टि की है कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण मुंबई के लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं। एसोसिएशन ने अत्यंत गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो बंद होने वाले प्रतिष्ठानों का यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
इस आपात स्थिति को देखते हुए और जमाखोरी तथा पैनिक बुकिंग पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नियमों में सख्त बदलाव किया है। अब घरेलू गैस की बुकिंग के बीच अनिवार्य अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि उपलब्ध स्टॉक का परिवारों के बीच समान वितरण सुनिश्चित किया जा सके। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को घरेलू एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। हालांकि, सरकार के इस कदम से घरों को तो राहत मिली है, लेकिन इसका सीधा प्रहार हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर हुआ है, जहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग पूरी तरह ठप हो गई है।
इस संकट का दायरा अब केवल होटलों तक सीमित नहीं है; अस्पतालों, हॉस्टलों और उन छात्रों के सामने भी भोजन का संकट खड़ा हो गया है जो बाहरी रसोई पर निर्भर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के कार्यकारी निदेशकों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति वर्तमान संकट की समीक्षा कर रही है ताकि घरेलू जरूरतों से समझौता किए बिना हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को पुनः आपूर्ति शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। मुंबई के इस ऊर्जा संकट ने न केवल व्यापारिक व्यवस्था बल्कि आम जनजीवन की खाद्य सुरक्षा पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
