आखिर क्यों साल में दो बार मनाया जाता है पर्यटन दिवस? जानिए भारत और विश्व के इतिहास में क्या है अंतर
पर्यटन दिवस साल में दो बार क्यों मनाया जाता है? 25 जनवरी को मनाए जाने वाले 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' और 27 सितंबर के 'विश्व पर्यटन दिवस' के बीच का बड़ा अंतर, उनका ऐतिहासिक महत्व और उद्देश्य जानें। भारतीय विरासत और वैश्विक पर्यटन के इस अनूठे संयोग, 1948 की पर्यटन समिति और UNWTO के 1970 के कानूनों की विस्तृत जानकारी के लिए यह विशेष रिपोर्ट पढ़ें।

मुंबई: यात्रा केवल स्थानों का भ्रमण नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, इतिहास और अर्थव्यवस्था के मिलन का एक उत्सव है। अक्सर पर्यटन दिवस की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। क्या यह 25 जनवरी को है या 27 सितंबर को? दरअसल, दोनों ही तारीखें अपनी जगह सही हैं और बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत जहां 25 जनवरी को अपनी 'अतुल्य' विरासत का जश्न मनाता है, वहीं 27 सितंबर को पूरी दुनिया वैश्विक पर्यटन के महत्व को रेखांकित करती है।
आइये इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि एक ही उद्देश्य होने के बावजूद, इन दो तारीखों का इतिहास और महत्व कैसे अलग-अलग है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National Tourism Day): भारतीय विरासत का उत्सव
भारत, जो अपनी विविधता में एकता के लिए जाना जाता है, हर साल 25 जनवरी को 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' मनाता है। इस दिवस का आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले पर्यटन क्षेत्र को सम्मानित करने का एक प्रयास है।
इतिहास के पन्नों से: आजादी के तुरंत बाद, भारत सरकार ने महसूस किया कि देश की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता में आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं छिपी हैं।
- 1948 की शुरुआत: पर्यटन को एक संगठित स्वरूप देने के लिए सबसे पहले 1948 में एक 'पर्यटन यातायात समिति' (Tourism Traffic Committee) का गठन किया गया था।
- मंत्रालय की स्थापना: आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, पर्यटन को एक स्वतंत्र पहचान देने और एक अलग विभाग व मंत्रालय के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया 1958 के आसपास तेज हुई। इसी ऐतिहासिक सफर और जागरूकता को बनाए रखने के लिए 25 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई।
उद्देश्य और प्रभाव: इस दिन का मुख्य उद्देश्य देशवासियों को पर्यटन के महत्व के प्रति जागरूक करना है। यह दिन यह याद दिलाता है कि कैसे पर्यटन न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करने का साधन है, बल्कि यह रोजगार सृजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक सशक्त माध्यम है।
विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day): वैश्विक एकता का प्रतीक
दूसरी ओर, वैश्विक पटल पर पर्यटन का जश्न 27 सितंबर को मनाया जाता है, जिसे 'विश्व पर्यटन दिवस' के रूप में जाना जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) के नेतृत्व में मनाया जाता है।
वैश्विक इतिहास और 1970 का मील का पत्थर: विश्व पर्यटन दिवस का इतिहास अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और सहयोग से जुड़ा है।
- UNWTO की भूमिका: इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा की गई थी और पहला विश्व पर्यटन दिवस 1980 में मनाया गया था।
- तारीख का चयन: 27 सितंबर की तारीख का चयन यादृच्छिक नहीं था। यह वही ऐतिहासिक दिन था जब 1970 में UNWTO के कानूनों (Statutes) को अपनाया गया था। यह घटना वैश्विक पर्यटन के इतिहास में एक प्रमुख मील का पत्थर मानी जाती है, जिसने पर्यटन को एक उद्योग और सामाजिक बल के रूप में मान्यता दी।
अंतर्राष्ट्रीय उद्देश्य: इस दिवस का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह समझाना है कि पर्यटन कैसे दुनिया भर में सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों को प्रभावित करता है। यह राष्ट्रों के बीच समझ और शांति को बढ़ावा देने वाला एक पुल है।
चाहे वह 25 जनवरी का 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' हो या 27 सितंबर का 'विश्व पर्यटन दिवस', दोनों का मूल मंत्र एक ही है—विकास और जागरूकता। जहाँ राष्ट्रीय दिवस हमें अपनी जड़ों और देश की सुंदरता पर गर्व करना सिखाता है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय दिवस हमें 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना के साथ पूरी दुनिया से जोड़ता है। आज के दौर में, जब दुनिया आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है, पर्यटन एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, जो न केवल सीमाओं को खोलता है बल्कि मनों को भी जोड़ता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
