Parliamentary Session 2026 : भारतीय संसद का बजट सत्र इन दिनों राजनीति के अखाड़े में तब्दील हो गया है। गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बीच शब्दों के ऐसे बाण चले, जिसने लोकतंत्र के उच्च सदन के तापमान को चरम पर पहुँचा दिया। जहाँ सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन न चलने देने का आरोप मढ़ा, वहीं विपक्ष ने सरकार पर तानाशाही का ठप्पा लगा दिया।

"अबोध बालक का बंधक न बनें": नड्डा का सीधा प्रहार

राज्यसभा में चर्चा के दौरान Jp Nadda ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को संबोधित करते हुए Rahul Gandhi का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला। नड्डा ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता होने के नाते खरगे को अपनी पार्टी की बागडोर संभालनी चाहिए।

  • अहंकार और अज्ञानता: नड्डा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "अबोध और अहंकार का मिश्रण 'डेडली' (घातक) होता है।" उन्होंने कांग्रेस को उस 'अबोध व्यक्ति' के प्रभाव से बाहर निकलने की सलाह दी।
  • संसदीय मर्यादा की दुहाई: नड्डा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष जानबूझकर बाधाएँ उत्पन्न कर रहा है।

"पूरी भाजपा मोदी की बंधक": खरगे का करारा जवाब

नड्डा की 'अबोध बालक' वाली टिप्पणी पर पलटवार करने में मल्लिकार्जुन खरगे ने भी देर नहीं की। उन्होंने सदन में सत्ता पक्ष के दावों की धज्जियाँ उड़ाते हुए कहा:

  • निजी स्वतंत्रता पर सवाल: "आप हमारी पार्टी की चिंता छोड़िए, आपकी अपनी पार्टी तो मोदी जी की बंधक बनी हुई है। आप उनकी राय के बिना एक शब्द नहीं बोल सकते।"
  • लोकतंत्र को कुचलने का आरोप: खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार अहंकार में चूर है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का गला घोंटा जा रहा है।

किरेन रिजिजू का स्पष्टीकरण: "राहुल को मिला था अतिरिक्त समय"

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि राहुल गांधी को उनके निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक बोलने दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार स्पीकर की रूलिंग और संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन किया।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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