भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के इतिहास में एक ऐसा नाम दर्ज है, जिसकी रणनीति, साहस और खुफिया दुनिया की पकड़ ने देश को कई निर्णायक मोड़ों पर सुरक्षित रखा है। यह नाम है—अजीत कुमार डोभाल, भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA), जिन्हें देश में आधुनिक सुरक्षा रणनीति का मुख्य वास्तुकार माना जाता है। वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद पर रहते हुए, 2024 में वह तीसरी बार इस दायित्व से जुड़े, और इसी के साथ वह भारतीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक NSA बने।

जासूसी और खुफिया परिचालन की दुनिया में डोभाल का सफर एक अद्भुत कहानी की तरह सामने आता है। 20 जनवरी 1945 को जन्मे डोभाल भारतीय पुलिस सेवा के केरला कैडर से आते हैं। उनका करियर उस समय नई दिशा में मुड़ा जब उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में अपने परिचालन कौशल के दम पर एक दशक से अधिक समय तक ऑपरेशन विंग का नेतृत्व किया। वर्ष 2004 से 2005 तक वह IB के निदेशक पद पर रहे और जनवरी 2005 में सेवानिवृत्त हुए।

उनकी कहानी का एक रोचक अध्याय 2005 में सामने आया, जब मुंबई पुलिस ने एक गुप्त अभियान के दौरान उन्हें गलती से दो कुख्यात अपराधियों—विकी मल्होत्रा और फरीद तनाशा—के साथ हिरासत में ले लिया। असल में डोभाल दुबई में दाऊद इब्राहिम के खिलाफ एक अत्यंत गुप्त ऑपरेशन की योजना पर काम कर रहे थे, जहां दाऊद अपनी बेटी की शादी में शामिल होने वाला था। चूँकि यह पूरे ऑपरेशन को कुछ चुनिंदा लोग ही जानते थे, इसलिए पुलिस को उनकी उपस्थिति का अंदाज़ा नहीं था। बाद में जब यह खुलासा हुआ, तो डोभाल की साहसिक कार्यशैली ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरीं।

सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका योगदान थमा नहीं। दिसंबर 2009 में उन्होंने विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन (VIF) की स्थापना की, जो आज भारत के प्रमुख सार्वजनिक नीति थिंक टैंकों में से एक है। डोभाल इसके संस्थापक निदेशक बने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विमर्श को एक नई दिशा दी। उन्होंने देश-विदेश के मंचों पर भारत की सुरक्षा चुनौतियों और विदेश नीति पर कई महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए, तथा प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में अपने विचार भी लिखे।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में अजीत डोभाल की भूमिका केवल एक पद तक सीमित नहीं है। वह एक ऐसे रणनीतिकार हैं जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा नीतियों, कूटनीतिक वार्ताओं और आंतरिक सुरक्षा तंत्र को नई दिशा देने में प्रमुख भूमिका निभाई है। उनकी दृढ़ता और रणनीतिक दृष्टिकोण ने उन्हें भारत की सुरक्षा व्यवस्था का अभिन्न स्तंभ बना दिया है।

आज जब भारत वैश्विक मंच पर तेजी से उभर रहा है, अजीत डोभाल की अनुभव-संपन्न भूमिका देश की सुरक्षा और रणनीति को मजबूती प्रदान करती रहती है। उनका सफ़र केवल एक अधिकारी की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा है जिसने देश की रक्षा को अपनी जीवन साधना बना लिया।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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