भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक हाई-प्रोफाइल “व्हाइट कॉलर नेटवर्क” को बेनकाब किया है। लखनऊ की रहने वाली महिला डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के साथ इस मॉड्यूल से जुड़े सात और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इनके पास से बरामद हुए 2900 किलो विस्फोटक, हथियारों के जखीरे और आधुनिक संचार उपकरणों ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा हुआ था, जिसमें शिक्षित पेशेवर और डॉक्टर तक शामिल थे।

डॉ. शाहीन को सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया गया, जहाँ उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि यह आतंकी मॉड्यूल उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ था। फरीदाबाद से गिरफ्तार एक अन्य आरोपी की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक किराए के फ्लैट से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए। इस कार्रवाई में एक AK-47 राइफल, तीन मैगजीन, 83 जिंदा कारतूस, एक पिस्तौल, टाइमर, बैटरियां, रिमोट कंट्रोल, वॉकी-टॉकी सेट और अन्य बम निर्माण सामग्री शामिल थी।

अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद में मिले इस हथियार जखीरे के पीछे का तार पुलवामा में गिरफ्तार एक आरोपी से जुड़ा, जिसकी सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन आगे बढ़ाया गया। यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी “डॉक्टर” और “प्रोफेशनल” के रूप में अपनी पहचान का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क को छिपाने के लिए कर रहे थे। एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश में शामिल था।

ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। जांच के दायरे में कई और संदिग्ध आए हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि जब्त 2900 किलो IED सामग्री और 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट जैसे ज्वलनशील पदार्थ इतने बड़े पैमाने पर थे कि उनका उपयोग किसी बड़े हमले के लिए किया जा सकता था।

जांच अभी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से संपर्क के ठोस सबूत मिले हैं। यह मामला इस बात का संकेत है कि आतंकी संगठन अब शिक्षित पेशेवरों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।

इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियाँ देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्क और सक्षम हैं। तीन राज्यों में फैले इस जाल का उजागर होना आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीतिक सफलता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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