आखिर क्या है 'एयरपोर्ट वाले मस्जिद' की सच्चाई ; कोलकाता हवाई अड्डे की सुरक्षा पर उठाए सवाल
बांकड़ा मस्जिद, कोलकाता हवाई अड्डे के सेकेंडरी रनवे के समीप स्थित होने के कारण, 3 दिसंबर 2025 को MoCA ने उसकी उपस्थिति की पुष्टि की। मस्जिद की वजह से रनवे का उत्तरी थ्रेशोल्ड 88 मीटर पीछे धकेलना पड़ा, जिससे विमान संचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं।

बांकड़ा मस्जिद, कोलकाता
कोलकाता: नेताजी सुभास चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (दक्षिण पश्चिमी कोलकाता) में स्थित एक शत‑वर्षीय मस्जिद Bankra Mosque ने हाल ही में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। यह मस्जिद हवाई अड्डे के भीतर ही मौजूद है, और इसके कारण अब सुरक्षा व परिचालन से जुड़ी चिंताएं तेज हो गई हैं। बांकड़ा मस्जिद उस गाँव की याद है, जो कभी इस इलाके में मौजूद था। जब हवाई अड्डे का विस्तार हुआ, गाँव के अधिकांश हिस्से को हटाया गया, लेकिन मस्जिद, धार्मिक स्थली होने के कारण, वहीं बनी रही। उसी एक अधूरी कहानी ने आज सुरक्षा‑नियंत्रण की जगह विवाद की चिंगारी जला दी है।
3 दिसंबर 2025 को, केन्द्र सरकार के तहत आने वाले Ministry of Civil Aviation (MoCA) ने आधिकारिक पुष्टि की कि बांकड़ा मस्जिद वास्तव में एयरपोर्ट परिसर में है और यह “सेकेंडरी रनवे” की एप्रोच एरिया (approach area) के भीतर आता है। MoCA ने यह भी कहा कि मस्जिद की वजह से रनवे के उत्तरी थ्रेशोल्ड को 88 मीटर पीछे धकेलना पड़ा है यानी, रनवे की संरचनात्मक पूरी लंबाई सुरक्षित व सुचारु रूप से उपयोगयोग्य नहीं रही।
रनवे की लंबाई से समझौता होने से, विशेषकर आपात‑स्थितियों या मुख्य रनवे बंद होने पर, सेकेंडरी रनवे का उपयोग सीमित हो गया है। विमान लैंडिंग या टेक‑ऑफ करते समय यदि थोड़ी चूक हो भी जाए, तो मस्जिद जैसी संरचना से टकराव का जोखिम खड़ा हो सकता है। इसके अलावा, मस्जिद की नजदीकी ने नॅविगेशन सहायता उपकरणों जैसे कि पूर्ण Instrument Landing System (ILS) की स्थापना भी मुश्किल बना दी है, जिससे कोहरे या कम दृश्यता की स्थिति में हवाई उड़ानों की विश्वसनीयता खतरे में है।
विवाद अपने धार्मिक अस्तित्व और आधुनिक विमान परिचालन जरूरतों के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है। बांकड़ा मस्जिद के पास रहने वाले समुदाय ने कहा है कि यह मस्जिद उनकी धार्मिक पहचान और विरासत का हिस्सा है, जिसे हटाना नाजुक संवेदनाओं को भड़का सकता है। दूसरी ओर, हवाई सुरक्षा व विमान संचालन से जुड़ी एजेंसियाँ और सरकार का यह तर्क है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस मसले ने एक गहरी बहस का रास्ता खोल दिया है क्या धार्मिक स्थलों की विरासत को वर्तमान आवश्यकताओं के आगे प्राथमिकता देनी चाहिए, या सार्वजनिक व राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च समझा जाए? MoCA द्वारा स्थित बयान एक केवल औपचारिक पुष्टि नहीं, बल्कि इस बहस को एक नया रूप दे देता है। अब यह तय करना होगा कि मस्जिद के पुनर्स्थापन, रनवे विस्तार, या अन्य विकल्पों में से किसे अपनाया जाए।
इस विवाद की परिणति केवल एक इमारत या रनवे तक सीमित नहीं है; यह न्याय, सुरक्षा और धार्मिक‑सामाजिक संतुलन की संवेदनशील दास्तान है, जिसका असर सिर्फ कोलकाता नहीं, बल्कि पूरे देश के विमान परिचालन व धार्मिक सह-अस्तित्व की दिशा तय कर सकता है।
- Bankra Mosque ko Kolkata AirportKolkata airport mosque issue 2025Bankra Masjid security concernsKolkata Netaji Subhas Chandra Bose Airport runway displacementBankra Mosque relocation debateकोलकाता हवाई अड्डा मस्जिद विवादKolkata secondary runway displacement 88 meterBankra Mosque approach areaएयरपोर्ट सुरक्षा मस्जिद कोलकाताKolkata airport runway safety mosqueBankra Masjid इतिहासKolkata airport Mosque problem newsKolkata Airport safety IndiaMosque inside Kolkata airport legalityकोलकाता एयरपोर्ट बैंकड़ा मस्जिद समाचारbankra mosque controversykolkata airport masjidbankra masjid kaha haibankra masjid hindi newsbankra masjid airport hindi newswhere is bankra masjid in kolkatapratahkal newspratahkal dailybankra masjid in airportmosque in airportwhy is there a mosque in airport

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
