पश्चिम बंगाल कैबिनेट विस्तार ; जानें क्या है अब तक की पूरी अपडेट
कोलकाता के लोक भवन में राज्यपाल आर. एन. रवि ने 35 विधायकों को शपथ दिलाई, मंत्रिमंडल में अब मुख्यमंत्री सहित कुल 41 सदस्य हुए।

कोलकाता के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह से पहले सुरक्षा घेरे में खड़े पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, जहां उनके मंत्रिमंडल का पहला विस्तार संपन्न हुआ।
West Bengal Cabinet Expansion 2026 : पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार, 1 जून 2026 को एक ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया गया, जिसने राज्य की पूरी राजनीतिक दिशा को बदल कर रख दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित राष्ट्रवादी सरकार ने सत्ता संभालने के ठीक तीन हफ्ते बाद अपने मंत्रिमंडल का पहला और सबसे बड़ा विस्तार किया है। कोलकाता के लोक भवन में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु कैबिनेट के 'स्पेशल 35' मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक फेरबदल के साथ ही बंगाल की प्रशासनिक और राजनैतिक बिसात पर नए समीकरण पूरी तरह सेट हो गए हैं, जिसने विपक्षी खेमे में भारी हलचल पैदा कर दी है।
इस महा-विस्तार की पटकथा पिछले हफ्ते दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई मैराथन बैठकों में ही तैयार कर ली गई थी। 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पांच दिग्गज मंत्रियों के साथ शपथ ली थी, जिसके बाद से वे अकेले ही 41 विभागों का भारी-भरकम बोझ संभाल रहे थे। सोमवार सुबह ठीक 11 बजे शुरू हुए इस समारोह में कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिसमें 13 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं। इस विस्तार के साथ ही शुभेंदु मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है, जो राज्य विधानसभा की अधिकतम संवैधानिक सीमा 44 से महज तीन कदम दूर है।
भाजपा की इस नई टीम में प्रशासनिक अनुभव और सांगठनिक वरिष्ठता का बेजोड़ तालमेल देखने को मिला है। कैबिनेट मंत्रियों के रूप में दीपक बर्मन, तापस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार उराँव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, जग्गन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, सारदवत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनुप कुमार दास ने शपथ ली है। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रखर चेहरे डॉ. इंद्रनील खान, मालती राव रॉय और राजेश महतो को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस मंत्रिमंडल के गठन में भाजपा ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का एक बड़ा दांव खेला है। उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल के उन सुदूर इलाकों को इस बार मुख्यधारा की कैबिनेट में तवज्जो मिली है, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा हाशिए पर रखा था। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती देने के लिए जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, विशाल लामा, पूर्णिमा चक्रवर्ती, उमेश रे और गार्गी दास घोष जैसे 19 नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में सरकार का हिस्सा बनाया गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी का यह मास्टरस्ट्रोक सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बचे-खुचे सियासी किलों को ढहाने की एक आक्रामक रणनीति है। तजुर्बेकार और जमीन से जुड़े चेहरों को कैबिनेट स्तर पर लाकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका पूरा ध्यान अब कड़े प्रशासनिक सुधारों और चुनावी वादों को समय पर पूरा करने पर केंद्रित है। बंगाल में आए इस जबरदस्त राजनीतिक बदलाव के बाद अब पूरे देश की निगाहें 22 जून से शुरू होने वाले विधानसभा के आगामी बजट सत्र पर टिकी हैं, जहां यह नई और शक्तिशाली टीम राज्य का पहला पूर्ण बजट पेश करेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
