बंगाल की 152 और तमिलनाडु की सभी सीटों पर कल वोटिंग होगी, सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 2450 कंपनियां तैनात की हैं।

West Bengal Assembly Election 2026 Phase 1 : भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का आगाज़ हो चुका है, जहां पश्चिम बंगाल की 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर कल यानी 23 अप्रैल को मतदान होना है। प्रचार के अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर रहीं, जहां एक ओर नारों की गूंज थी, तो दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप की तीखी तलवारें खिंची नजर आईं। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से पूर्व उत्तर बंगाल की 54 सीटों समेत कुल 152 निर्वाचन क्षेत्रों में सन्नाटा पसर गया है, लेकिन राजनेताओं के बयानों ने सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है। इस चुनावी समर में करीब 9.33 करोड़ मतदाता (बंगाल में 3.60 करोड़ और तमिलनाडु में 5.73 करोड़) अपने मताधिकार का प्रयोग कर हजारों उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

प्रचार के अंतिम क्षणों में जुबानी हमले बेहद आक्रामक और निजी स्तर पर पहुंच गए। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने हुगली में ममता बनर्जी पर 'गजवा-ए-बंगाल' और घुसपैठ को लेकर तीखा हमला बोला, वहीं भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में चुनाव आयोग पहुंचा। भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 'आतंकवादी' शब्द के उपयोग को राष्ट्रीय अपमान करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सभाओं को अनुमति देने में देरी की गई, जबकि भाजपा की रैलियों को तुरंत हरी झंडी मिल गई। इस बीच, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी ममता बनर्जी को अपना समर्थन देते हुए इसे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई करार दिया है।

सुरक्षा के मोर्चे पर, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में हिंसा के इतिहास को देखते हुए केंद्रीय बलों की रिकॉर्ड 2,450 कंपनियों को तैनात किया है। नंदीग्राम जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में मतदान से ठीक 48 घंटे पहले पुलिस ऑब्जर्वर को बदल दिया गया है, जो निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं, तमिलनाडु में चुनाव आयोग ने रिकॉर्ड 1,262 करोड़ रुपये की नकदी, सोना और अन्य प्रतिबंधित सामग्रियां जब्त कर चुनावी पारदर्शिता पर अपनी पकड़ मजबूत की है। राज्यपाल आर.एन. रवि ने मतदाताओं के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि कोई भी नागरिक बिना किसी डर के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर सके।

कल सुबह जब ईवीएम के बटन दबेंगे, तो यह न केवल हार-जीत का फैसला होगा, बल्कि उन वादों और दावों की भी परीक्षा होगी जो पिछले कई महीनों से रैलियों और जनसभाओं में किए गए हैं। भ्रष्टाचार, घुसपैठ, कानून व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दों के बीच अब गेंद मतदाताओं के पाले में है। निर्वाचन आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को ईवीएम की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि बंगाल में 'परिवर्तन' की लहर या 'दीदी' का किला बना रहता है, और तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति किस ओर करवट लेती है।


Updated On 22 April 2026 5:07 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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