West Bengal Assembly Election 2026 Phase 1 Voting : भारतीय लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक, विधानसभा चुनाव 2026 का बिगुल फूँक दिया गया है। गुरुवार की सुबह जब सूरज की पहली किरण ने दस्तक दी, तो पश्चिम बंगाल की 152 और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर भविष्य के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई। बंगाल की खाड़ी से लेकर कन्याकुमारी के तटों तक, मतदाताओं का उत्साह इस कदर था कि सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से पहले ही केंद्रों के बाहर लंबी कतारें नजर आने लगीं। पश्चिम बंगाल में जहाँ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और उभरती भारतीय जनता पार्टी के बीच साख की जंग है, वहीं तमिलनाडु में वैचारिक संघर्ष की बिसात बिछी हुई है, जहाँ द्रविड़ राजनीति के गढ़ को बचाने और भेदने की जद्दोजहद जारी है।

मतदान की शुरुआत उम्मीदों और संकल्पों के साथ हुई, लेकिन बंगाल का चुनावी इतिहास एक बार फिर हिंसा के दागों से अछूता नहीं रह सका। मुर्शिदाबाद के नौदा में मतदान के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अज्ञात हमलावरों ने देसी बमों से हमला कर दिया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर आई। इसी जिले में पूर्व टीएमसी नेता और अब निर्दलीय उम्मीदवार हुमायूं कबीर को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जहाँ उन पर 'बीजेपी एजेंट' होने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई। बीरभूम और सिलीगुड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों में भी टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज तक का सहारा लेना पड़ा। झाड़ग्राम में एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जहाँ एक जंगली हाथी के मतदान केंद्र के समीप आ जाने से कुछ समय के लिए प्रक्रिया बाधित हुई।

इस राजनीतिक महायुद्ध में शीर्ष नेतृत्व ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और महिलाओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की, वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने इसे बंगाल को 'घुसपैठियों और सिंडिकेट राज' से मुक्त कराने का चुनाव बताया। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ममता बनर्जी और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए मतदाताओं को विचारधारा की इस लड़ाई में कांग्रेस का समर्थन करने का आग्रह किया। तृणमूल कांग्रेस ने 'मां, माटी, मानुष' की रक्षा का आह्वान करते हुए बाहरी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। चुनावी मैदान में सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसे दिग्गजों ने न केवल अपने वोट डाले, बल्कि जीत के बड़े दावे भी किए।

प्रशासनिक और कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो चुनाव आयोग ने इस बार अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। बंगाल और तमिलनाडु में अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की जा चुकी है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। तकनीकी मोर्चे पर, ईवीएम की कुछ शिकायतों को छोड़कर मतदान प्रक्रिया सुचारू रही; अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी खराबी की स्थिति में मशीनों को मात्र 15 मिनट के भीतर बदलने की व्यवस्था की गई है। मुर्शिदाबाद, बीरभूम और मालदा जैसे छह संवेदनशील जिलों पर आयोग की विशेष नजर बनी हुई है, जहाँ 2,000 से अधिक त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैनात किया गया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा और राजनीतिक गहमागहमी चरम पर है। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा हमले का गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर भाजपा के मतदान प्रतिनिधियों को बूथ में प्रवेश करने से रोका गया। इस घटना का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी मोर्चे पर कमान संभाल ली है। वे कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा के अत्याधुनिक 'वॉर रूम' में मौजूद हैं, जहाँ से वे पल-पल की वोटिंग प्रक्रिया और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। भाजपा नेतृत्व की इस सक्रियता और चुनाव आयोग की कार्रवाई ने राज्य में जारी मतदान के बीच राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है।

जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, मतदान के आंकड़े लोकतंत्र की मजबूती की गवाही दे रहे हैं। सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल में 41 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो जनता की राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है। तमिलनाडु में भी फिल्मी सितारों से लेकर आम जनता तक ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बंगाल की संस्कृति और तमिलनाडु के स्वाभिमान को सुरक्षित रखने की एक निर्णायक जंग है। आज का यह भारी मतदान 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण और उसके बाद आने वाले परिणामों की दिशा तय करेगा, जो भारतीय राजनीति के भविष्य का नया खाका तैयार करेंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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