केरल के वायनाड में टनल निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन ने कई जिंदगियों को खतरे में डाल दिया है। मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आखिर कैसे हुआ यह बड़ा हादसा और क्या है सरकार की पूरी तैयारी?

केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को हुए एक भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कल्लाडी में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुए इस हादसे में अब तक कम से कम दो लोगों की जान चली गई है, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद से ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी 10 से अधिक लोग फंसे हो सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच यह हादसा उस समय हुआ जब वहां एक टनल रोड परियोजना का काम चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने आपातकालीन बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी सिद्दीक को तत्काल मौके पर पहुंचने का आदेश दिया है।

घटनास्थल पर पहुंचे कृषि मंत्री टी सिद्दीक ने इसे प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे मानव निर्मित त्रासदी करार देते हुए कहा कि वहां मिट्टी जमा करने का तरीका पूरी तरह से अवैज्ञानिक था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर सबकी नजरें टिकी हैं, जबकि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

Pratahkal Newsroom

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