आसनसोल में भाजपा-टीएमसी समर्थकों में भिड़ंत; मतगणना केंद्र पर भारी तनाव
विधानसभा चुनाव के रुझानों के बीच आसनसोल में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा।

आसनसोल में मतगणना केंद्र के बाहर एकत्रित उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात भारी पुलिस बल और सुरक्षा घेरे का दृश्य।
US CENTCOM mission Strait of Hormuz 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के बीच आसनसोल में लोकतंत्र का उत्सव उस समय तनाव में बदल गया जब मतगणना केंद्र के ठीक बाहर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई। शुरुआती रुझानों में भाजपा की निर्णायक बढ़त के साथ ही सियासी पारा इतना चढ़ गया कि देखते ही देखते मतगणना केंद्र के बाहर का इलाका अखाड़े में तब्दील हो गया। घटना की शुरुआत पोलिंग एजेंटों के बीच मामूली कहासुनी से हुई थी, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आक्रोशित भीड़ ने न केवल एक-दूसरे पर हमला किया, बल्कि मौके पर मौजूद कुर्सियों और वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की गई। स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि टीएमसी के एक अस्थायी कैंप को भी उपद्रवियों ने तहस-नहस कर दिया।
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। उग्र समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हिंसक झड़प में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इलाके में भारी तनाव बना हुआ है। यह बवाल तब और गहरा गया जब आसनसोल के ही जमुड़िया इलाके में एक टीएमसी कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती को और बढ़ा दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने मतगणना केंद्र के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 जैसे कड़े प्रतिबंधों को और अधिक सख्ती से लागू कर दिया है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।
So normal in Bengal. Scuffle broke out near the counting centre at Asansol Engineering College b/w TMC goons & BJP Karyakartas.
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) May 4, 2026
But what's New Normal in Bengal?
- @ECISVEEP has deployed such large number of CAPF forces that 'regular' 'miscreants' won't be spared this time. pic.twitter.com/zwxqW2HfAt
राजनीतिक रूप से यह हिंसा उस समय भड़की जब बंगाल के शुरुआती रुझान चौंकाने वाले परिणाम दे रहे हैं। राज्य की 294 सीटों में से भाजपा 187 सीटों पर बढ़त बनाकर सत्ता की ओर अग्रसर दिख रही है, जबकि सत्ताधारी टीएमसी 92 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। विशेष रूप से आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने 40,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है, जिसने भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया है। जहां भाजपा समर्थकों ने इस घटना को टीएमसी के पिछले 'दमन' के खिलाफ जनता का आक्रोश बताया है, वहीं टीएमसी नेतृत्व ने इसे भाजपा की 'अकारण आक्रामकता' करार देते हुए लोकतंत्र पर हमला बताया है। यह घटना दर्शाती है कि बंगाल के चुनावी नतीजे केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि एक गहरे और संवेदनशील राजनीतिक ध्रुवीकरण का परिणाम हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में राज्य की कानून-व्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
