जयपुर, 06 मार्च 2026: राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को एक नया मंच प्रदान करते हुए आज जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'विकसित भारत युवा संसद 2026' का राज्य स्तरीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से सीधे जोड़ना है। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने एक लाख 'गैर-राजनीतिक' पृष्ठभूमि वाले युवाओं को देश के भविष्य निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आने का आह्वान किया है।

विस्तारित स्वरूप और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी

'माय भारत' राजस्थान के सहायक निदेशक श्री प्रदीप कुमार ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि युवा संसद कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। पिछले संस्करण में यह देश के 300 नोडल जिलों में आयोजित किया गया था, जबकि इस वर्ष इसका विस्तार देश के प्रत्येक जिले तक किया गया है। राजस्थान के सभी 41 जिलों में 'माय भारत' एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से इसका सफल आयोजन किया गया है। जिला स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद प्रत्येक जिले से 5-5 विजेताओं का चयन किया गया और राज्य स्तर पर चयनित कुल 205 युवा प्रतिनिधियों ने आज अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय "केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना" रहा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से चयनित शीर्ष तीन विजेता अब राष्ट्रीय स्तर पर संसद नई दिल्ली में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ का युवाओं से प्रेरक संवाद

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री राज्यवर्धन राठौड़ ने युवाओं के साथ अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि "राजनीतिक जीवन में आने के लिए 'संवेदनशीलता' सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है।" उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि युवाओं की सक्रियता ही देश की लोकतांत्रिक जड़ों को मजबूत करेगी। उनके संबोधन ने प्रतिभागियों में कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव का संचार किया।

मौलिक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण पर बल

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शासन सचिव युवा कार्यक्रम एवं खेल विभाग डॉ. नीरज के. पवन ने युवाओं की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि "युवाओं में मौलिक सोच और भिन्न दृष्टिकोण रखने की अद्भुत क्षमता होती है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि "युवा मौलिकता के संवाहक हैं और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर ही युवा देश को अग्रणी बना सकते हैं।"

विकसित भारत 2047: नवाचार और तकनीक का संगम

राजस्थान के विभिन्न कोनों से आए युवा प्रतिनिधियों ने अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से यह कड़ा संदेश दिया कि 'विकसित भारत 2047' का सपना युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा से ही साकार होगा। प्रतिभागियों ने केंद्रीय बजट 2026 को भविष्य की रूपरेखा बताते हुए कहा कि "विकसित भारत का निर्माण केवल सदन के पटल पर नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप्स और नवाचार केंद्रों में होगा।" वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए सेमीकंडक्टर मिशन, ए.आई. फॉर इंडिया, खेलो इंडिया और डिजिटल नवाचार जैसी पहलों को रोजगार सृजक बनने की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने इस बात पर पुरजोर बल दिया कि "भारत को तकनीक का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनना होगा।" कार्यक्रम के समापन पर यह सामूहिक विश्वास व्यक्त किया गया कि यदि देश के युवा संकल्प लेकर आगे बढ़ें, तो वे न केवल अपनी दिशा बल्कि राष्ट्र की दशा भी बदल सकते हैं।

Pratahkal Bureau

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