विजय देवरकोंडा ने खोला संदीप रेड्डी वांगा संग रिश्ते का राज, ‘अर्जुन रेड्डी’ की यादें
विजय देवरकोंडा ने संदीप रेड्डी वांगा संग अपने खास रिश्ते और ‘अर्जुन रेड्डी’ के संघर्षों से जुड़ी कई अनसुनी यादें साझा कीं।

तस्वीर में अभिनेता विजय देवरकोंडा हरे रंग की टी-शर्ट पहने हुए निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के साथ किसी शूटिंग लोकेशन पर बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
‘अर्जुन रेड्डी’ विजय देवरकोंडा के करियर की सबसे खास और अहम फिल्मों में से एक रही है। इस फिल्म ने उनके करियर का रुख बदल दिया और देखते ही देखते यह एक सांस्कृतिक घटना बन गई। फिल्म की सफलता से भी आगे बढ़कर इसने विजय देवरकोंडा और संदीप रेड्डी वांगा को एक साथ लाया और दोनों के बीच ऐसा रिश्ता बना, जो सिनेमा की दुनिया से कहीं आगे तक चला गया। वर्षों बाद भी इस फिल्म से जुड़ी यादें विजय के लिए बेहद खास हैं।
हाल ही में एक कार्यक्रम में विजय देवरकोंडा ने संदीप रेड्डी वांगा के साथ अपने रिश्ते और ‘अर्जुन रेड्डी’ बनाते समय साथ बिताए सफर के बारे में बात की। फिल्म के निर्माण के दौरान दोनों किन परिस्थितियों से गुजरे और एक-दूसरे पर कितना भरोसा था, इसे याद करते हुए विजय ने कहा कि उनका रिश्ता केवल अभिनेता और निर्देशक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उससे कहीं अधिक गहरा हो गया।
विजय ने कहा, “मैं संदीप के लिए अपने प्यार को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। हमारा रिश्ता सिर्फ निर्देशक और नायक, भाई या दोस्तों जैसा नहीं है। यह इन सभी रिश्तों से कहीं आगे है।”
‘अर्जुन रेड्डी’ के निर्माण के दिनों को याद करते हुए विजय ने बताया कि दोनों ने ऐसी कोशिश की थी, जो उन्हें किसी जंग जैसी लगती थी। उन्होंने कहा, “अगर फिल्म नहीं चलती तो हम सोच भी नहीं सकते थे कि क्या होता। हमारे पास न पैसे थे, न नाम और न ही कोई प्रभाव। ‘पेली चूपुलु’ तक रिलीज नहीं हुई थी, इसलिए हमारे पास कोई दर्शक या प्रशंसक भी नहीं थे जो हमारा साथ देते। हमने बस एक हिम्मत भरा कदम उठाया।”
विजय ने आगे कहा कि अगर ‘अर्जुन रेड्डी’ नहीं बनती, तो वह केवल फिल्म की सफलता से ही नहीं, बल्कि संदीप के साथ बिताए कई खूबसूरत पलों और अनुभवों से भी दूर रह जाते। उन्होंने बताया कि दोनों ने कई मौकों पर जिंदगी को लेकर बातचीत की है।
फिल्म के निर्माण के दौरान आर्थिक मुश्किलों का जिक्र करते हुए विजय ने कहा, “जब हमारे पास पैसे नहीं थे, तब संदीप के भाई प्रणय और उनके पिता ने अपनी जमीन तक बेच दी और अपनी फैमिली की कमाई एक फिल्म में लगा दी, क्योंकि उन्हें मुझ पर और संदीप पर भरोसा था। मैं संदीप के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं और संदीप भी मेरे लिए ऐसा ही करेगा।”
विजय ने भद्रकाली फिल्म्स के लोगो से जुड़ी अपनी एक खास याद भी साझा की। उन्होंने कहा, “आज भी जब भद्रकाली का लोगो आता है, तो हमें ‘अर्जुन रेड्डी’ का साउंड सुनाई देता है। जब भी संदीप और प्रणय कोई फिल्म बनाते हैं, मुझे भरोसा रहता है कि वह जरूर सफल होगी।”
विजय देवरकोंडा की इन बातों से साफ होता है कि ‘अर्जुन रेड्डी’ उनके और संदीप रेड्डी वांगा के लिए केवल एक सफल फिल्म नहीं थी, बल्कि यह भरोसे, विश्वास और साथ में बिताए अनुभवों से बने एक खास रिश्ते की शुरुआत भी थी। भद्रकाली फिल्म्स के लोगो के साथ आज भी ‘अर्जुन रेड्डी’ का प्रतिष्ठित साउंड सुनाई देना उस सफर की शुरुआत और वर्षों से मजबूत बने इस रिश्ते की याद दिलाता है।
विजय देवरकोंडा अब ‘राणाबाली’, ‘राउडी जनार्दना’ और ‘VDxShouryuv’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे। इन फिल्मों के साथ उनके आगामी प्रोजेक्ट्स की सूची और भी मजबूत हो गई है।

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