देशभक्ति के प्रतीकों को लेकर एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को नई कानूनी पहचान देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। 150 वर्ष पहले 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस राष्ट्रीय गीत को अब राष्ट्रीय सम्मान के कानून के तहत सख्त सुरक्षा मिलने जा रही है, जिससे इसके अपमान या अवरोध को दंडनीय अपराध बनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ को ‘Jana Gana Mana’ के समान कानूनी दर्जा प्रदान करना है। अभी तक यह कानून मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रीय गान के अपमान को दंडनीय मानता था, लेकिन अब इसके दायरे को बढ़ाकर राष्ट्रीय गीत को भी शामिल किया जा रहा है।

संशोधन के तहत यदि कोई व्यक्ति ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करता है या उसका अपमान करता है, तो उसे उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे राष्ट्रीय गान के मामले में किया जाता है। वर्तमान कानून की धारा 3 के अनुसार, राष्ट्रीय गान के गायन में बाधा डालने या उसे बाधित करने पर अधिकतम तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। अब यही प्रावधान ‘वंदे मातरम्’ पर भी लागू किए जाने की तैयारी है।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ‘वंदे मातरम्’ अपनी रचना के 150 वर्ष पूरे कर रहा है। इससे पहले गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि इसके सभी छह अंतरे आधिकारिक आयोजनों में गाए या बजाए जाएं और यदि राष्ट्रीय गान के साथ प्रस्तुत किया जाए तो इसे प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, ये निर्देश केवल सलाहात्मक थे और इनके पीछे कोई कानूनी बाध्यता नहीं थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस विषय को विधिक आधार मिलने जा रहा है।

यह कदम न केवल राष्ट्रीय गीत के सम्मान को नई ऊंचाई देता है, बल्कि इसे देश के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय प्रतीकों के समकक्ष खड़ा करता है। ‘वंदे मातरम्’ को कानून के दायरे में लाने का यह निर्णय उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्ता को और अधिक सुदृढ़ करता है, जिससे इसके प्रति असम्मान अब केवल नैतिक नहीं, बल्कि कानूनी अपराध भी माना जाएगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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