राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, 36 आईटीआई पार्क, देहरादून, उत्तराखण्ड ने 08 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे दैनिक जलस्तर एवं बाढ़ पूर्वानुमान की रिपोर्ट जारी की। यह सूचना भारत सरकार, केंद्रीय जल आयोग और हिमालयी गंगा मंडल द्वारा प्रेषित सूचना पर आधारित है। रिपोर्ट का L.No 654/SEOC/30/(2026) है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 0135-2710334, टोल फ्री 1070, 8218867005 और 9058441404 तथा फैक्स नंबर 0135-2710335 दर्ज हैं।

रिपोर्ट में भागीरथी, अलकनंदा, पिंडर, मंदाकिनी, गंगा, नयार और काली नदियों के विभिन्न स्थलों का जलस्तर, खतरे का स्तर, चेतावनी का निशान, सुबह 08.00 बजे का जलस्तर, जलस्तर की स्थिति और पिछले 24 घंटे में हुई वृद्धि दर्ज की गई है। भागीरथी नदी के उत्तरकाशी में खतरे का स्तर 1123.0 मीटर, चेतावनी का निशान 1122.0 मीटर और सुबह 08.00 बजे जलस्तर 1119.36 मीटर रहा तथा स्थिति घटना और पिछले 24 घंटे में परिवर्तन 0.0 मीटर रहा। कोटेश्वर (टिहरी) में ये स्तर क्रमशः 545.0, 544.0 और 541.54 मीटर रहे तथा जलस्तर 0.0 मीटर घटा। देवप्रयाग में खतरे का स्तर 463.0, चेतावनी 462.0 और सुबह का जलस्तर 459.68 मीटर रहा तथा परिवर्तन 0.0 मीटर रहा।

अलकनंदा नदी के बद्रीनाथ में खतरे का स्तर 3113.0 मीटर, चेतावनी का निशान 3112.0 मीटर और सुबह का जलस्तर 3111.18 मीटर दर्ज हुआ तथा 1.2 मीटर की घटना हुई। जोशीमठ में ये स्तर 1383.0, 1382.0 और 1374.66 मीटर रहे तथा 1.2 मीटर की घटना दर्ज की गई। रुद्रप्रयाग (अलकनंदा) में खतरे का स्तर 627.0, चेतावनी 626.0 और जलस्तर 624.90 मीटर रहा तथा 10.0 मीटर की घटना दर्ज हुई। रुद्रप्रयाग (संगम) में खतरे का स्तर 624.70, चेतावनी 623.70 और जलस्तर 620.65 मीटर रहा तथा 10.0 मीटर की घटना हुई। श्रीनगर में खतरे का स्तर 536.0, चेतावनी 535.0 और जलस्तर 533.44 मीटर रहा तथा परिवर्तन 0.0 मीटर रहा।

पिंडर नदी के नन्दकेसरी में खतरे का स्तर 1268.0 मीटर, चेतावनी 1267.0 मीटर और सुबह का जलस्तर 1264.28 मीटर रहा। यहां जलस्तर बढ़ने की स्थिति दर्ज हुई और पिछले 24 घंटे में 32.6 मीटर परिवर्तन रहा। कर्णप्रयाग में खतरे का स्तर 773.0, चेतावनी 772.0 और जलस्तर 769.32 मीटर रहा तथा स्थिति स्थिर रही, जबकि पिछले 24 घंटे में 5.0 मीटर परिवर्तन दर्ज हुआ। मंदाकिनी नदी के गंगानगर में खतरे का स्तर 804.0, चेतावनी 803.0 और जलस्तर 800.10 मीटर रहा तथा स्थिति स्थिर रही। रुद्रप्रयाग (मंदाकिनी) में खतरे का स्तर 626.0, चेतावनी 625.0 और जलस्तर 624.02 मीटर रहा तथा 10.0 मीटर की घटना दर्ज हुई।

गंगा नदी के देवप्रयाग में खतरे का स्तर 463.0, चेतावनी 462.0 और सुबह का जलस्तर 456.92 मीटर रहा तथा 0.0 मीटर परिवर्तन दर्ज हुआ। ऋषिकेश में खतरे का स्तर 340.5, चेतावनी 339.5 और जलस्तर 339.05 मीटर रहा तथा परिवर्तन 0.0 मीटर रहा। हरिद्वार में खतरे का स्तर 294.0, चेतावनी 293.0 और जलस्तर 292.20 मीटर रहा तथा परिवर्तन 0.0 मीटर दर्ज हुआ। नयार नदी के हरसिल में खतरे का स्तर 556.0, चेतावनी 555.0 और जलस्तर 550.30 मीटर रहा तथा स्थिति स्थिर रही।

काली नदी के धारचूला (काली) में खतरे का स्तर 890.0 मीटर, चेतावनी 889.00 मीटर और सुबह का जलस्तर 888.80 मीटर रहा तथा 20.0 मीटर की घटना दर्ज हुई। पिथौरागढ़ (सरयू) में खतरे का स्तर 453.00, चेतावनी 452.00 और जलस्तर 448.40 मीटर रहा तथा 21.0 मीटर की घटना हुई। जौलजीबी (गोरी) में खतरे का स्तर 607.80, चेतावनी 606.80 और जलस्तर 604.50 मीटर रहा तथा 20.0 मीटर की घटना दर्ज हुई। रिपोर्ट में बाढ़ पूर्वानुमान स्थल के रूप में श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर से प्राप्त दूरभाष सूचना का भी उल्लेख किया गया है।

बाढ़ पूर्वानुमान तालिका में गंगा (भीमगोडा बैराज) हरिद्वार का खतरे का स्तर 294.00 मीटर और सुबह 08.00 बजे का जलस्तर 292.30 मीटर दर्ज है, जबकि डिस्चार्ज 102979.00 क्यूसेक रहा। तुमरिया बांध काशीपुर में खतरे का स्तर 261.98 मीटर, सुबह का जलस्तर 256.733 मीटर और डिस्चार्ज 0.0 क्यूसेक रहा। कोसी बैराज अल्मोड़ा में खतरे का स्तर 1131.75 मीटर, सुबह का जलस्तर 1127.31 मीटर और डिस्चार्ज 2000.50 क्यूसेक रहा। कोसी बैराज (रामनगर) में खतरे का स्तर 353.50 मीटर, सुबह का जलस्तर 351.80 मीटर और डिस्चार्ज 13567.00 क्यूसेक दर्ज हुआ। ढेला बैराज, रामनगर में खतरे का स्तर 262.58 मीटर, सुबह का जलस्तर 259.598 मीटर और डिस्चार्ज 176.00 क्यूसेक रहा।

फीका बैराज ऊधमसिंहनगर में खतरे का स्तर 262.58 मीटर और सुबह का जलस्तर 257.861 मीटर रहा तथा डिस्चार्ज 0.0 क्यूसेक दर्ज हुआ। हरिपुरा बैराज ऊधमसिंहनगर में खतरे का स्तर 242.32 मीटर, सुबह का जलस्तर 240.640 मीटर और डिस्चार्ज 0.0 क्यूसेक रहा। बैराज ऊधमसिंहनगर में खतरे का स्तर 242.32 मीटर, सुबह का जलस्तर 240.640 मीटर और डिस्चार्ज 500.00 क्यूसेक दर्ज हुआ। गंगोली बैराज हल्द्वानी में खतरे का स्तर 504.97 मीटर, सुबह का जलस्तर 502.33 मीटर और डिस्चार्ज 4512.00 क्यूसेक रहा। यमुना (डाकपत्थर बैराज) देहरादून में खतरे का स्तर 456.00 मीटर, सुबह का जलस्तर 454.91 मीटर और डिस्चार्ज 16861.00 क्यूसेक दर्ज हुआ।

गंगा (वीरभद्र बैराज) ऋषिकेश में खतरे का स्तर 340.00 मीटर, सुबह का जलस्तर 334.20 मीटर और डिस्चार्ज 88533.95 क्यूसेक रहा। मनेरी डेम (उत्तरकाशी) में खतरे का स्तर 1294.50 मीटर, जलस्तर 1292.60 मीटर और डिस्चार्ज 8377.35 क्यूसेक दर्ज हुआ। जोशियाड़ा बैराज (उत्तरकाशी) में खतरे का स्तर 1108.00 मीटर, जलस्तर 1107.10 मीटर और डिस्चार्ज 8891.18 क्यूसेक रहा। इछाड़ी डैम (विकासनगर) में खतरे का स्तर 644.75 मीटर, जलस्तर 644.70 मीटर और डिस्चार्ज 11048.20 क्यूसेक दर्ज हुआ। आसन बैराज (विकासनगर) में खतरे का स्तर 401.45 मीटर, जलस्तर 400.80 मीटर और डिस्चार्ज 8400.00 क्यूसेक रहा। व्यासी डैम (जुडो) डाकपत्थर में खतरे का स्तर 630.00 मीटर, सुबह का जलस्तर 627.96 मीटर और डिस्चार्ज 5422.92 क्यूसेक दर्ज किया गया।

रिपोर्ट की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रमुख निजी सचिव, मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन; सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड शासन; अधिशासी निदेशक, एनआईडीएम, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली; कंट्रोल रूम, एमएचए, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली; उत्तराखण्ड सब एरिया, देहरादून और कंट्रोल रूम एनडीआरएफ, नई दिल्ली को भेजी गई है। रिपोर्ट पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनु सचिव/ड्यूटी ऑफिसर हरीश सिंह रावत के हस्ताक्षर हैं।

Pratahkal Bureau

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