PM मोदी की मां पर बने वीडियो पर हंगामा; कोर्ट ने दिया कड़ा फैसला
जहां कांग्रेस का कहना है कि वीडियो व्यंग्यात्मक था, वहीं भाजपा और जेडीयू इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान बता रहे हैं। इस पूरी घटनाने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल राजनीति में किस हद तक जायज़ है और इस पर कानूनी नियंत्रण कितना ज़रूरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर बनाए गए एआई वीडियो पर राजनीति गर्म हो गई है। इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी करते हुए वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) से हटा दिया गया। कुछ दिनों पहले बिहार कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से यह वीडियो शेयर किया था, जिसके बाद देशभर में सियासत तेज हो गई थी। यह पूरा मामला अब PM Modi AI Video Controversy के रूप में चर्चा का विषय बन चुका है।
जेडीयू नेता का कांग्रेस पर हमला :
कोर्ट के आदेश के बाद जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो वीडियो डाला था, वह सामाजिक और नैतिक अपराध था। उन्होंने यह भी कहा कि पटना हाईकोर्ट का वीडियो हटाने का निर्देश यह साबित करता है कि यह कानूनी अपराध भी था। नीरज कुमार ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ईर्ष्या और नफरत की राजनीति कर रही है और संविधान तथा कानून की धज्जियां उड़ाना कांग्रेस का संस्कार बन चुका है। उन्होंने इसे राजनीति को निचले स्तर तक ले जाने वाला कदम बताया।
एआई वीडियो में क्या था :
इस PM Modi AI Video Controversy की शुरुआत 10 सितंबर 2025 को हुई जब बिहार कांग्रेस के एक्स हैंडल से एक एआई वीडियो पोस्ट किया गया। इस वीडियो में दावा किया गया था कि पीएम मोदी अपनी मां के सपनों में उनसे संवाद करते हैं। वीडियो में एआई के जरिए बनाई गई आर्टिफिशियल वॉइस और विजुअल्स का इस्तेमाल हुआ था। इसमें दिखाया गया कि मोदी की मां प्रधानमंत्री को बिहार के कई मुद्दों पर सुनाती हैं। कांग्रेस ने इसे “रोचक संवाद” कहकर पोस्ट किया था। वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया।
दिल्ली में दर्ज हुई शिकायत :
विवाद बढ़ने के बाद इस PM Modi AI Video Controversy पर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज की गई। 13 सितंबर 2025 को दिल्ली पुलिस ने बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एआई/डीपफेक वीडियो शेयर करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया, जिनमें धारा 18(2), 336(3), 336(4), 340(2), 352, 356(2) और 61(2) शामिल हैं।
पटना हाईकोर्ट का आदेश :
इस मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां को लेकर बनाया गया यह वीडियो अपमानजनक है और इसे तुरंत सोशल मीडिया से हटाया जाना चाहिए। आदेश के बाद यह वीडियो एक्स से हटा दिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समाज को गुमराह करने के लिए नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक माहौल गरमाया :
यह मामला न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष और सत्ता पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। जहां कांग्रेस का कहना है कि वीडियो व्यंग्यात्मक था, वहीं भाजपा और जेडीयू इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान बता रहे हैं। इस पूरी घटनाने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल राजनीति में किस हद तक जायज़ है और इस पर कानूनी नियंत्रण कितना ज़रूरी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
