उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश का समय रहते खुलासा कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर एक संभावित बड़े हमले को टाल दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह समूह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और देश में भय फैलाने तथा व्यवस्था को अस्थिर करने की योजना बना रहा था।

ATS के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। खासतौर पर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास सिग्नलिंग सिस्टम और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी। इस हमले का उद्देश्य न केवल जनजीवन को बाधित करना था, बल्कि व्यापक स्तर पर दहशत फैलाना भी था।

यह कार्रवाई गुरुवार को उस समय की गई जब ATS को खुफिया इनपुट के आधार पर इस मॉड्यूल की गतिविधियों की जानकारी मिली। निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के जरिए एजेंसियों ने पाया कि आरोपी कई शहरों में जाकर संभावित ठिकानों की रेकी कर चुके थे। इसके बाद उन्हें योजना के शुरुआती चरण में ही दबोच लिया गया, जिससे एक बड़े हमले को अंजाम देने से पहले ही रोक दिया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस साजिश के पीछे “गजवा-ए-हिंद” जैसी कट्टरपंथी विचारधारा की प्रेरणा थी, जिसका इस्तेमाल कुछ आतंकी संगठन भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के उद्देश्य से करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से लगातार संपर्क में थे और उन्हें संवेदनशील जानकारी साझा कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी साकिब उर्फ डेविल (25) मेरठ जिले के अगवानपुर का निवासी है, जो पेशे से नाई बताया जा रहा है और वही इस नेटवर्क का प्रमुख संपर्क सूत्र था। उसके साथ अरबाab (20) भी उसी गांव का रहने वाला है। इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर के विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क में शामिल किया गया था और उन्हें रेकी के बदले पैसे दिए जाते थे।

इस मामले में लखनऊ स्थित ATS थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने और आम लोगों में भय का माहौल पैदा करने के लिए विदेशी निर्देशों पर काम कर रहे थे।

यह पूरी साजिश एक व्यापक सीमा-पार आतंकी नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जिसका उद्देश्य न केवल भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्थिरता को भी नुकसान पहुंचाना है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शन और फंडिंग चैनलों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सतर्क खुफिया तंत्र और त्वरित कार्रवाई से बड़े खतरों को समय रहते टाला जा सकता है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि देश की सुरक्षा को लेकर चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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