मुंबई की अंडरवर्ल्ड दुनिया में कभी जिसका नाम खौफ और रसूख का पर्याय था, आज उसी नाम से जुड़ी एक बेटी न्याय की तलाश में देश के सर्वोच्च सत्ता केंद्र तक पहुँच चुकी है। दिवंगत अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान की बेटी होने का दावा करने वाली हसीन मस्तान मिर्ज़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक रूप से हस्तक्षेप की अपील की है। यह अपील केवल एक व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि दशकों से चले आ रहे कथित शोषण, जबरन विवाह और संपत्ति विवाद की एक लंबी कानूनी लड़ाई की कहानी है।

हाजी मस्तान मिर्ज़ा 1970 और 80 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड के सबसे प्रभावशाली नामों में गिने जाते थे। तस्करी और अवैध गतिविधियों से उभरे हाजी मस्तान ने समय के साथ सामाजिक और धार्मिक पहचान भी बनाई। उनके राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों की चर्चा लंबे समय तक होती रही। वर्ष 1994 में उनके निधन के बाद उनकी विरासत केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रही, बल्कि विवादों, दावों और कानूनी उलझनों में भी घिरती चली गई।

हसीन मस्तान मिर्ज़ा का दावा है कि उनका जीवन बचपन से ही हिंसा और मजबूरी की परछाइयों में बीता। उन्होंने आरोप लगाया है कि 1990 के दशक में उनका जबरन विवाह अपने ही रिश्तेदार से कर दिया गया, उस समय वह नाबालिग थीं। उनके अनुसार यह विवाह उनके लिए शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण का कारण बना। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वैवाहिक जीवन में उन्हें लगातार हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।

इसके साथ ही हसीन मस्तान ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पिता की संपत्ति और अधिकारों पर अवैध रूप से कब्ज़ा किया गया। उनका कहना है कि वर्षों तक न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा मिली और न ही उनके दावों पर गंभीरता से विचार किया गया।

अपने हालिया सार्वजनिक बयान में हसीन मस्तान मिर्ज़ा ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच हो, पुराने मामलों को दोबारा देखा जाए और उन्हें न्याय मिले। यह अपील ऐसे समय सामने आई है जब उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर सभी कानूनी रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं।

हसीन मस्तान की यह गुहार सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक चर्चा में आ गई है। उनके वीडियो और बयान तेजी से साझा हुए, जिससे मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया। कई लोग इसे एक महिला की व्यक्तिगत लड़ाई मान रहे हैं, तो कुछ इसे अंडरवर्ल्ड की विरासत से जुड़े जटिल सामाजिक और कानूनी मुद्दों के रूप में देख रहे हैं।

हाजी मस्तान की पहचान भले ही अंडरवर्ल्ड से जुड़ी रही हो, लेकिन उनकी बेटी की कहानी न्याय, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई बनकर सामने आई है। यह मामला न केवल एक परिवार के अंदरूनी विवाद को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सत्ता, विरासत और कानून के बीच फंसी एक महिला कैसे वर्षों बाद भी न्याय की उम्मीद थामे हुए है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियाँ इस अपील पर क्या रुख अपनाती हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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