गुजरात के ददीपाड़ा में आज एक ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जो आदिवासी समाज और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद करने का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने न केवल आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सम्मानित किया, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का आयोजन ददीपाड़ा क्षेत्र में हुआ, जहां आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और राज्य के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बिरसा मुंडा की अद्वितीय वीरता और उनके नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन आज भी आदिवासी समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है, और उनकी जयंती हमें यह याद दिलाती है कि सामुदायिक एकता और संघर्षशीलता से ही समाज का समग्र विकास संभव है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर आदिवासी संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास परियोजनाओं के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत का आदिवासी समाज देश की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक शक्ति का आधार है।

इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भारतीय आदिवासी संस्कृति की समृद्धि और विविधता से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने आदिवासी युवाओं के बीच संवाद किया और उन्हें शिक्षा तथा स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

'जनजातीय गौरव दिवस' और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के आयोजन ने यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज की वीरता, संघर्ष और संस्कृति का सम्मान करना देश की सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यक्रम स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी अधिकारों और उनके विकास के महत्व को रेखांकित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन ने आदिवासी समाज के उत्थान और उनकी पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों ने भी इस दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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