कर्नाटक के विजयपुरा जिले में लगातार आ रहे भूकंपों ने लोगों के दिलों में खौफ भर दिया है। मंगलवार देर रात 11:41 बजे और बुधवार सुबह 5:30 बजे आए झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। पिछले दो महीनों में यह 11वां झटका था, जिससे जिले के कई हिस्सों में अफरा-तफरी मच गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि झटकों के दौरान दीवारें, खंभे और खड़ी गाड़ियां हिलने लगीं, वहीं कुत्तों के भौंकने और चीखने की आवाज़ों ने माहौल को और डरावना बना दिया।

रिक्टर स्केल पर 3.0 तीव्रता के इस भूकंप से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन बार-बार आने वाले झटकों ने लोगों को बेचैन कर दिया है। कई परिवार अब सुरक्षा के डर से घरों के बाहर खुले में सो रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में डर साफ झलक रहा है। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ घटने लगी है और स्थानीय स्कूलों में भी छात्रों में भय का माहौल है।

भू-वैज्ञानिकों की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी है, जो लगातार हो रहे झटकों के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विजयपुरा भूकंपीय दृष्टि से सामान्य जोन में आता है, इसलिए इस तरह के झटकों का लगातार आना चिंताजनक है। विशेषज्ञों ने लोगों से अफवाहों से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है।

जिला प्रशासन ने एहतियातन आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और लोगों से पुरानी या जर्जर इमारतों में न रहने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि झटके जारी रहे तो राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे।

विजयपुरा के लोग अब हर हल्की आवाज़ या कंपन को भी भूकंप समझकर चौकन्ने हो जाते हैं। धरती के इन लगातार कंपन ने इस ऐतिहासिक शहर को मानो डर के साए में ढकेल दिया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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