गिनीज बुक में दर्ज हुई डोंबिवली की ये सुनहरी तस्वीर ; 9,111 महिलाओं ने मिलकर कैसे रच दिया दुनिया का सबसे बड़ा कीर्तिमान?
डोंबिवली में महिला दिवस के अवसर पर 9,111 महिलाओं और छात्राओं ने पारंपरिक लेझिम नृत्य की सामूहिक प्रस्तुति देकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। श्री संत सावलाराम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की।

डोंबिवली लेझिम डांस गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के डोंबिवली शहर ने सांस्कृतिक गौरव और महिला सशक्तिकरण का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। हजारों महिलाओं और छात्राओं ने पारंपरिक लेझिम नृत्य की सामूहिक प्रस्तुति देकर ऐसा दृश्य रचा, जिसने न केवल दर्शकों को रोमांचित किया बल्कि विश्व रिकॉर्ड भी कायम कर दिया। इस भव्य आयोजन में कुल 9,111 प्रतिभागियों ने एक साथ लेझिम नृत्य प्रस्तुत कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
यह ऐतिहासिक कार्यक्रम डोंबिवली के श्री संत सावलाराम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया, जहाँ हजारों दर्शकों की मौजूदगी में महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने एक साथ लगभग साढ़े पाँच मिनट तक तालबद्ध लेझिम नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक वाद्य ‘लेझिम’ के साथ सैकड़ों कतारों में खड़ी प्रतिभागियों की एकरूपता और समन्वय ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और सटीक तालमेल के साथ किया गया यह प्रदर्शन महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
More than 9000 girls and women created a world record on International Women's Day by performing the traditional Maharashtrian exercise-dance Lezim together in Dombivli.
— Anshul Saxena (@AskAnshul) March 8, 2026
They also broke the previous Lezim Guinness World Record.#DombivlikarNariShakti #LezimGuinnessWorldRecord pic.twitter.com/7hJ3FoCu5Z
इस उपलब्धि के साथ ही डोंबिवली की महिलाओं ने 2014 में सांगली में बने 7,338 प्रतिभागियों वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नए रिकॉर्ड के लिए प्रतिभागियों की संख्या, प्रदर्शन की अवधि और समन्वय जैसे सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया गया। आयोजन स्थल पर मौजूद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक ने प्रतिभागियों की संख्या और प्रदर्शन के सभी मापदंडों की पुष्टि करने के बाद मौके पर ही इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी।
इस विशाल आयोजन का संचालन डोंबिवलीकर एक संस्कृती परिवार और कल्याण तालुका शारीरिक शिक्षण समिति के संयुक्त प्रयासों से किया गया। आयोजन की रूपरेखा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से तैयार की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भी भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय विधायक रविंद्र चव्हाण का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा।
लेझिम नृत्य महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक व्यायाम शैली मानी जाती है, जिसमें लकड़ी के बने वाद्य पर लगे धातु के झंकार के साथ तालबद्ध कदमों का प्रदर्शन किया जाता है। यह नृत्य न केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम है, बल्कि शारीरिक फिटनेस और सामूहिक अनुशासन का भी प्रतीक माना जाता है। डोंबिवली में हुआ यह सामूहिक प्रदर्शन इस परंपरा की जीवंतता और लोकप्रियता को नए स्तर पर ले गया।
महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं की सामूहिक शक्ति, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बनकर उभरा। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब समाज की महिलाएं एक मंच पर संगठित होती हैं, तो वे परंपरा, संस्कृति और उपलब्धियों के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
