UP सरकार का 9.13 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट ; रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में फ्री स्कूटी पाने का ये है तरीका
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए ₹9.13 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट पेश किया, जिसमें मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने हेतु ₹400 करोड़ का प्रावधान किया गया। ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ का उद्देश्य ग्रामीण छात्राओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाना और ड्रॉपआउट दर घटाना है।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
उत्तर प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में एक बार फिर बड़ा बजट दस्तक दे चुका है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9.13 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट पेश करते हुए कई महत्वाकांक्षी घोषणाएँ कीं, जिनमें सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी—मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने के लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान। ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के नाम से शुरू की गई यह पहल न केवल शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे को आगे बढ़ाती है, बल्कि 2022 के विधानसभा चुनावों में किए गए एक अहम वादे को भी मूर्त रूप देती है।
विधानसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। योजना का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ परिवहन उपलब्ध कराना है, ताकि कॉलेज या विश्वविद्यालय तक पहुँचने में आने वाली बाधाएँ कम हों। सरकार का मानना है कि परिवहन की कमी के कारण कई छात्राएँ उच्च शिक्षा बीच में छोड़ देती हैं। ऐसे में यह योजना ड्रॉपआउट दर घटाने और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
🚨 Rani Laxmi Bai Scooty Yojana: The UP Govt has allocated ₹400 Crore in the state budget to provide FREE SCOOTERS to meritorious girl students. pic.twitter.com/acZMHt4HMr
— Gems (@gemsofbabus_) February 11, 2026
₹400 करोड़ के इस प्रावधान के तहत पात्र और मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ मुख्यतः उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को मिलेगा। पात्रता, चयन प्रक्रिया और वितरण की विस्तृत रूपरेखा जल्द अधिसूचित की जाएगी, हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसका फोकस आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राओं पर रहेगा।
यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 2022 के चुनावों के दौरान किए गए वादे का हिस्सा रही है। अब, 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस घोषणा को अमल में लाना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस कदम के रूप में प्रस्तुत कर रही है। हालांकि, बजट की इस घोषणा पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। समर्थकों का कहना है कि यह पहल छात्राओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके पास निजी परिवहन का साधन नहीं है। वहीं, कुछ आलोचकों ने इसे ‘फ्रीबी कल्चर’ का हिस्सा बताते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति पर संभावित दबाव की ओर इशारा किया है। इसके अतिरिक्त, योजना के केवल छात्राओं पर केंद्रित होने को लेकर भी बहस छिड़ी है।
₹9.13 लाख करोड़ का यह बजट उत्तर प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। लेकिन ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ ने जिस तरह से सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श में जगह बनाई है, वह इसे इस बजट की सबसे चर्चित घोषणाओं में शामिल कर देता है। आने वाले महीनों में जब योजना की रूपरेखा स्पष्ट होगी और ज़मीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन शुरू होगा, तब यह तय होगा कि यह पहल वास्तव में कितनी छात्राओं के जीवन में बदलाव ला पाती है। फिलहाल, उत्तर प्रदेश के रिकॉर्ड बजट के साथ यह संदेश स्पष्ट है—राज्य सरकार शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष स्थान पर रख रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
