जांबाज अफसर की कहानी : दबंगों से 52 बीघा जमीन छु़ड़ाई; स्कूल में लगाया 41 करोड़ का दम!
छतरपुर के राजेंद्र प्रसाद ने 38 वर्षों की सेवा में 12 ट्रांसफर सहते हुए सरकारी स्कूलों को प्राइवेट से बेहतर बनाया। उन्होंने दबंगों से 52 बीघा जमीन मुक्त कराई और 41 करोड़ की लागत से CM राइज स्कूल बनाया। उनकी ईमानदारी और समर्पण शिक्षा क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बने हैं।

Rajendra Prasad education officer : छतरपुर के लवकुश नगर के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद ने शिक्षा क्षेत्र में अपनी ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के चलते सरकारी स्कूलों को प्राइवेट संस्थानों से बेहतर बनाया और अतिक्रमण में फंसी जमीन को मुक्त कराकर शिक्षा की नई इबारत लिखी। 38 वर्षों की सेवा के दौरान 12 ट्रांसफर सहने वाले राजेंद्र ने सरकारी स्कूलों के सुचारू संचालन और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष किया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही 52 बीघा जमीन को मुक्त कराना, जो लगभग 25 वर्षों से अतिक्रमित थी। राजेंद्र ने तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर के सहयोग से वैधानिक कार्यवाही कर सीमांकन एवं नामांकन कराया और तार फेंसिंग के बाद 41 करोड़ 20 लाख की लागत से CM राइज स्कूल का निर्माण करवाया। स्कूल के उद्घाटन के समय झंडा फहराने और स्थानीय लोगों से मिले सम्मान ने उनके समर्पण को और मजबूत किया।
राजेंद्र बताते हैं कि जहां भी उनकी पोस्टिंग हुई, वहां उन्होंने बजट का उचित उपयोग किया, कर्मचारियों की पहचान की और सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया। छात्राओं की सुविधाओं और पुराने टॉयलेट सुधारने में विशेष ध्यान दिया गया। सरकारी स्कूलों को उन्होंने इस तरह व्यवस्थित किया कि वे प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले भी बेहतर साबित हुए।
उनके जीवन में चुनौतीपूर्ण पल तब आए जब उन्हें अपने माता-पिता की देखभाल और अपने कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ा। खंडवा में ट्रांसफर के दौरान उन्होंने रिटायरमेंट तक जिम्मेदारी निभाई और अंततः 31 मई 2023 को अपनी सेवा समाप्त की। उनके संघर्ष और समर्पण ने सरकारी शिक्षा प्रणाली में न केवल बदलाव लाया बल्कि विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने।
राजेंद्र प्रसाद की कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ निश्चय, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण से बड़ी चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है और शिक्षा के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
