2025 में हुई एयर इंडिया की उस भयावह विमान दुर्घटना में 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सिर्फ एक यात्री जीवित बच पाया था। 39 साल के विश्वासकुमार रमेश उस हादसे के एकमात्र बचे हुए व्यक्ति हैं। लंदन जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787 फ्लाइट ने अहमदाबाद से उड़ान भरते ही कुछ सेकंड बाद आग पकड़ ली थी और कुछ देर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे के बाद आसमान में उठते धुएं और जलते मलबे के बीच विश्वासकुमार खुद अपने पैरों पर चलते हुए विमान से बाहर निकले थे।

उनके भाई अजय भी उसी फ्लाइट में सवार थे, लेकिन वह नहीं बच सके। हादसे के बाद विश्वासकुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें आज भी यकीन नहीं होता कि वह जीवित हैं, जबकि उन्होंने अपना पूरा परिवार खो दिया। उनका कहना था कि उनका भाई उनके जीवन का सहारा था, और उसके बिना वह अंदर से टूट चुके हैं।

वर्तमान में विश्वासकुमार ब्रिटेन के लीसेस्टर में रहते हैं और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से पीड़ित हैं। वह अब ज्यादातर समय अपने कमरे में अकेले रहते हैं और परिवार से बात नहीं करते। दुर्घटना में उनके पैर, कंधे और पीठ पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वह अब न तो काम कर पाते हैं और न ही ड्राइव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि चलने में भी दिक्कत होती है और उनकी पत्नी उन्हें सहारा देती हैं। भारत में रहने वाली उनकी मां पिछले चार महीने से किसी से बात नहीं कर रही हैं और रोज दरवाजे के बाहर चुपचाप बैठती हैं।


परिवार पूरी तरह टूट चुका है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि विमान के टेकऑफ के तुरंत बाद ईंधन की आपूर्ति रुक जाने से दोनों इंजन बंद हो गए थे, जिससे यह हादसा हुआ। एयर इंडिया की ओर से विश्वासकुमार को 21,500 पाउंड का अंतरिम मुआवजा दिया गया था, लेकिन उनके प्रतिनिधियों का कहना है कि यह राशि उनके नुकसान के मुकाबले बेहद कम है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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