वो शैतान फिर से जाग गया... अंडमान-निकोबार में सक्रिय हुआ आग का दरिंदा
सुमात्रा से लेकर म्यांमार तक फैली ज्वालामुखी श्रृंखला में भी यही एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। इस द्वीप का वैज्ञानिक और भूगर्भीय महत्व इसी कारण और भी बढ़ जाता है।

सागर की शांत लहरों और अंडमान-निकोबार की अद्भुत सुंदरता के बीच अचानक धरती का क्रोध फूट पड़ा। सदियों से अपनी आग और धुएं से दुनिया को चौंकाने वाला वह शैतान फिर जाग उठा है। भारत का इकलौता सक्रिय ज्वालामुखी, बैरन आइलैंड, एक बार फिर सक्रिय हो गया है।
बैरन आइलैंड अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हिस्सा है और पोर्ट ब्लेयर से लगभग 138 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह न केवल भारतीय उपमहाद्वीप का इकलौता सक्रिय ज्वालामुखी है, बल्कि सुमात्रा से लेकर म्यांमार तक फैली ज्वालामुखी श्रृंखला में भी यही एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। इस द्वीप का वैज्ञानिक और भूगर्भीय महत्व इसी कारण और भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यह ज्वालामुखी भारतीय और बर्मी टेक्टॉनिक प्लेटों के किनारे स्थित है। दोनों प्लेटों के टकराव और अंदरूनी दबाव से समय-समय पर यहां विस्फोट की घटनाएं होती रहती हैं। बैरन आइलैंड का ज्वालामुखी पहली बार वर्ष 1787 में दर्ज किया गया था और तब से लेकर अब तक इसमें कई बार विस्फोट हो चुके हैं। हाल के वर्षों में यह ज्वालामुखी रुक-रुक कर सक्रिय होता रहा है और वैज्ञानिक इसे लगातार मॉनिटर कर रहे हैं।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अन्य वैज्ञानिक एजेंसियों की टीमें इस विस्फोट पर नजर रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस विस्फोट से किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है, क्योंकि यह द्वीप निर्जन है और यहां कोई आबादी नहीं रहती। हालांकि, समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों और मछुआरों को चेतावनी जारी कर दी गई है कि वे इस क्षेत्र से दूरी बनाए रखें।
बैरन आइलैंड का महत्व केवल इसके विस्फोट तक सीमित नहीं है। यह ज्वालामुखी वैज्ञानिक अनुसंधान का भी बड़ा केंद्र है। ज्वालामुखी गतिविधियों को समझने, टेक्टॉनिक प्लेटों की गति का अध्ययन करने और भविष्य में संभावित आपदाओं की भविष्यवाणी करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
