नई दिल्ली। तेलंगाना में लंबे समय से लंबित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता रेनुका चौधरी ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के विकास कार्य को तत्काल शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए अहम है, बल्कि औद्योगिक, धार्मिक और सामरिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है।

रेनुका चौधरी ने बताया कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट वर्ष 2016 में तैयार की गई थी, जिसके बाद आवश्यक सिफारिशें और मंजूरियां भी प्राप्त हो चुकी थीं। इसके बावजूद परियोजना वर्षों से कागज़ों में ही सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में तेलंगाना के पलवांचा क्षेत्र में लगभग 950 एकड़ भूमि को एयरपोर्ट के लिए चिन्हित किया गया और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा प्री-फिज़िबिलिटी अध्ययन कराया गया, जो 2025 में पूरा हो चुका है।

चौधरी ने इस बात पर चिंता जताई कि सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कोठागुड़ेम क्षेत्र में कई औद्योगिक केंद्र स्थापित हैं, जहां लगभग 23,000 लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में एयरपोर्ट की अनुपस्थिति उद्योगों की विकास गति और निवेश संभावनाओं को प्रभावित कर रही है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रस्तावित एयरपोर्ट से भद्राचलम मंदिर के लिए पर्यटन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। साथ ही, यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इस औद्योगिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र के निवासियों के लिए यात्रा सुविधाएं सरल और सुलभ होंगी।

रेनुका चौधरी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि क्षेत्र के समग्र विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना पर शीघ्र निर्णय लिया जाए और निर्माण कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक बुनियादी ढांचा विकास नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य से जुड़ा विषय है, जिस पर और देरी उचित नहीं है।

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