तेलंगाना में आबकारी अधिकारी के भ्रष्टाचार पर एसीबी का बड़ा प्रहार, 50 करोड़ से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा
तेलंगाना के आबकारी अधिकारी कोमुरि मल्ला रेड्डी पर एसीबी की बड़ी कार्रवाई। छापेमारी में 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का हुआ खुलासा। सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।

तेलंगाना में एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में निज़ामाबाद के आबकारी अधिकारी कोमुरि मल्ला रेड्डी के ठिकानों पर छापेमारी की।
तेलंगाना के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकंजा कसा। निज़ामाबाद के जिला मद्य निषेध एवं आबकारी अधिकारी और अधीक्षक कोमुरि मल्ला रेड्डी पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद एसीबी ने राज्यव्यापी कार्रवाई करते हुए उनके ठिकानों पर छापेमारी की। यह मामला न केवल एक अधिकारी की संलिप्तता को उजागर करता है, बल्कि सरकारी तंत्र में पनपते भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों पर भी सवालिया निशान लगाता है।
मंगलवार को एसीबी की 11 अलग-अलग टीमों ने एक साथ हैदराबाद और निज़ामाबाद में कोमुरि मल्ला रेड्डी से जुड़े 11 ठिकानों पर दबिश दी। इस छापेमारी के दायरे में अधिकारी का माचा बोलाराम स्थित आवास, उनका कार्यालय और उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों तथा करीबी सहयोगियों से संबंधित परिसर शामिल थे। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आबकारी अधिकारी ने अपनी सेवा अवधि के दौरान भ्रष्ट और संदेहास्पद तरीकों का इस्तेमाल कर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक अकूत संपत्ति अर्जित की है।
एसीबी की कार्रवाई में बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विवरण चौंकाने वाला है। अधिकारियों को अब तक चार आलीशान रिहायशी मकान, एक कमर्शियल ब्लॉक, आठ खुले प्लॉट और 10.23 एकड़ कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं। इसके अतिरिक्त, छापेमारी के दौरान लगभग 3.31 लाख रुपये नकद, 50 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और अधिकारी की पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर तीन बैंक लॉकर भी मिले हैं। यद्यपि इन संपत्तियों का दस्तावेजी मूल्य लगभग 3 करोड़ रुपये आंका गया है, लेकिन एसीबी का मानना है कि इनका वास्तविक बाजार मूल्य 50 करोड़ रुपये से कहीं अधिक हो सकता है।
कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एसीबी ने आरोपी अधिकारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें नामपल्ली स्थित एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस मामले में अन्य छिपी हुई संपत्तियों और लेनदेन का पता लगाने के लिए गहन सत्यापन कर रही हैं। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी पदों पर बैठकर भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कानून का शिकंजा कसना अब तय है।

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