दान के नाम पर टैक्स चोरी: CBDT ने टैक्स रिटर्न फाइलिंग नेटवर्क को तोड़ा
CBDT ने डेटा-आधारित जांच के जरिए आयकर रिटर्न में फर्जी कटौतियों और दान के नाम पर टैक्स चोरी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। RUPPs और ट्रस्टों के माध्यम से किए गए bogus claims, अवैध रिफंड और फर्जी CSR खर्च पर सख्त कार्रवाई कर कर अनुपालन को मजबूत किया गया है।

CBDT
देश में कर अनुपालन को मजबूत करने और टैक्स चोरी पर लगाम कसने की दिशा में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। डेटा-आधारित विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के सहारे CBDT ने उन संगठित नेटवर्क्स को बेनकाब किया है, जो आयकर रिटर्न में फर्जी कटौतियों और छूट के जरिये करदाताओं को अवैध लाभ दिला रहे थे। यह कार्रवाई न केवल कर प्रणाली की पारदर्शिता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि तकनीक के दौर में टैक्स चोरी अब आसान नहीं रही।
हालिया जांच में सामने आया कि कुछ बिचौलियों और टैक्स रिटर्न फाइलिंग एजेंट्स ने पूरे देश में अपने एजेंटों का जाल बिछा रखा था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर करदाताओं के आयकर रिटर्न दाखिल करते हुए आयकर अधिनियम के तहत फर्जी दावे कर रहे थे। इन दावों के माध्यम से करदाताओं की कर देनदारी को कृत्रिम रूप से कम दिखाया गया और कई मामलों में अवैध रिफंड भी हासिल किए गए।
CBDT की जांच में यह भी उजागर हुआ कि बड़ी मात्रा में फर्जी कटौतियां तथाकथित दान (डोनेशन) के नाम पर की गईं। इनमें विशेष रूप से पंजीकृत लेकिन मान्यता प्राप्त न होने वाले राजनीतिक दलों (Registered Unrecognised Political Parties – RUPPs) और कुछ चैरिटेबल संस्थाओं के नाम पर किए गए दान शामिल थे। जांच एजेंसियों को ऐसे कई RUPPs मिले जो न तो नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे थे, न ही अपने पंजीकृत पते पर सक्रिय पाए गए, और न ही किसी वास्तविक राजनीतिक गतिविधि में संलग्न थे।
प्रवर्तन कार्रवाइयों से जुटाए गए साक्ष्यों से संकेत मिला कि इन RUPPs और कुछ ट्रस्टों का इस्तेमाल केवल कागजी दान रसीदें जारी करने के लिए किया जा रहा था। इन रसीदों के जरिए धन को रूट किया जाता था, जिसमें हवाला लेनदेन, संदिग्ध फंड ट्रांसफर और यहां तक कि सीमा पार रेमिटेंस की आशंकाएं भी सामने आई हैं। यह पूरा तंत्र कर चोरी के साथ-साथ वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर संकेत देता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CBDT ने कुछ चुनिंदा RUPPs और ट्रस्टों के खिलाफ फॉलो-अप सर्च और सर्वे की कार्रवाई की। इन छापों के दौरान व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा किए गए फर्जी दान और कंपनियों द्वारा दिखाए गए फर्जी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) खर्च से जुड़े आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह साक्ष्य आगे की कानूनी कार्रवाई और कर निर्धारण में अहम भूमिका निभाएंगे।
CBDT की यह पहल करदाताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि गलत दावों और फर्जी कटौतियों के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं। डेटा एनालिटिक्स और तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ कर प्रशासन न केवल अनियमितताओं को पहचान रहा है, बल्कि समय रहते सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है। यह अभियान देश की कर व्यवस्था में भरोसा बढ़ाने और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
