पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ सी विजयभास्कर ने चेन्नई में विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को अपना त्यागपत्र सौंपा जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

AIADMK leader C Vijayabaskar resigns MLA post 2026 : तमिलनाडु की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को मंगलवार, 16 जून, 2026 को उस समय एक और करारा झटका लगा, जब पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विरालीमलाई निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक डॉ. सी. विजयभास्कर ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। चेन्नई स्थित सचिवालय में नाटकीय घटनाक्रम के बीच हुए इस इस्तीफे ने न केवल एआईएडीएमके के भीतर आंतरिक खलबली मचा दी है, बल्कि राज्य के सियासी हलकों में नए कयासों और गंभीर चर्चाओं का दौर भी शुरू कर दिया है। अपने छात्र जीवन से ही द्रविड़ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले एक बेहद रसूखदार नेता का यह कदम पार्टी के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

इस बड़े घटनाक्रम की कड़ियों को सिलसिलेवार ढंग से देखें तो मंगलवार को डॉ. सी. विजयभास्कर सीधे चेन्नई में स्थित सरकारी सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया। अचानक हुए इस फैसले से सचिवालय परिसर में मौजूद मीडियाकर्मी और राजनीतिक विश्लेषक भी अवाक रह गए। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे को तुरंत स्वीकार करने में कोई देरी नहीं की। इसके तुरंत बाद अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया कि एआईएडीएमके नेता डॉ. विजयभास्कर का इस्तीफा नियमानुसार स्वीकार कर लिया गया है, जिसके बाद अब विरालीमलाई विधानसभा सीट को तकनीकी और संवैधानिक रूप से रिक्त माना जाएगा।

अगर इस पूरे मामले के कानूनी, आधिकारिक और ऐतिहासिक पहलुओं पर नजर डालें तो डॉ. सी. विजयभास्कर का राजनीतिक कद तमिलनाडु में बेहद मजबूत रहा है। वह अपने कॉलेज के दिनों से ही एआईएडीएमके के एक निष्ठावान और आक्रामक सिपाही के रूप में काम कर रहे थे। उनकी प्रशासनिक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने साल 2013 से लेकर 2021 के बीच तमिलनाडु के बेहद महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी। इस आठ साल के लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य के तीन अलग-अलग मुख्यमंत्रियों—दिवंगत जे. जयललिता, ओ. पन्नीरसेल्वम और एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के मंत्रिमंडलों में एक भरोसेमंद कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया था। उनके पास लंबा विधायी और प्रशासनिक अनुभव है, जिसके कारण उनका इस्तीफा पार्टी के सांगठनिक ढांचे के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद अब चुनाव आयोग को तय समय सीमा के भीतर विरालीमलाई सीट पर उपचुनाव कराने की दिशा में कदम उठाना होगा। इस इस्तीफे के पीछे के छिपे हुए राजनीतिक कारणों को लेकर अभी तक डॉ. विजयभास्कर या एआईएडीएमके के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। परंतु, पर्दे के पीछे चल रही सियासी सुगबुगाहटों की मानें तो पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और भविष्य की रणनीतियों को लेकर असंतोष इस बड़े विद्रोह की मुख्य वजह हो सकता है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी इस अचानक बदले घटनाक्रम के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक रैलियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं।

डॉ. सी. विजयभास्कर का यह त्यागपत्र तमिलनाडु की राजनीति में महज एक विधायक का हटना नहीं है, बल्कि यह एआईएडीएमके के भीतर गहराते नेतृत्व संकट और सांगठनिक बिखराव की एक अलार्मिंग चेतावनी है। जयललिता के दौर के कद्दावर मंत्रियों का इस तरह एक-एक करके पार्टी के विधायी पदों से दूर होना यह दर्शाता है कि द्रविड़ राजनीति इस समय बदलाव के एक बेहद जटिल और अनपेक्षित दौर से गुजर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि डॉ. विजयभास्कर का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है और इस महा-झटके के बाद एडप्पाडी के. पलानीस्वामी अपनी कमजोर होती जा रही पार्टी को बिखरने से बचाने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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